
नई दिल्ली : (New Delhi) विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (World Anti-Doping Agency) (WADA) के पूर्व अध्यक्ष क्रेग रीडी का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (International Olympic Committee) (IOC) ने सोमवार को उनके निधन की पुष्टि की, हालांकि मौत के कारण का खुलासा नहीं किया गया है।
क्रेग रीडी खेल प्रशासन में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व रहे और उन्होंने ओलंपिक आंदोलन तथा डोपिंग के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह 2013 में वाडा के अध्यक्ष बने थे और अपने कार्यकाल के दौरान रूस के डोपिंग विवाद को लेकर उनके रुख ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं।
रीडी ने 2012 लंदन ओलंपिक की मेजबानी हासिल करने की बोली में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा उन्होंने बैडमिंटन को 1992 बार्सिलोना ओलंपिक खेलों (Barcelona Olympic Games) में शामिल कराने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विश्व एथलेटिक्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन कोए (World Athletics President Sebastian Coe) ने रीडी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें अपना मार्गदर्शक, सलाहकार और करीबी मित्र बताया। उन्होंने कहा कि रीडी ओलंपिक खेलों के गहन ज्ञान और अनुभव के धनी थे, जिसे उन्होंने हमेशा साझा किया।
रीडी का कार्यकाल 2016 रियो ओलंपिक से पहले रूस के राज्य प्रायोजित डोपिंग घोटाले के कारण काफी चुनौतीपूर्ण रहा। वाडा की ओर से रूस की पूरी टीम को प्रतिबंधित करने की सिफारिश की गई थी, लेकिन आईओसी और उसके अध्यक्ष थॉमस बाक (president Thomas Bach) ने इसका विरोध किया। अंततः फैसला खेल महासंघों पर छोड़ दिया गया कि वे रूसी खिलाड़ियों की भागीदारी पर निर्णय लें।
आईओसी की वर्तमान अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री (Current IOC President Kirsty Coventry) ने रीडी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि खेलों की स्वच्छता और खिलाड़ियों के विकास में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। उन्होंने उन्हें खेलों की ईमानदारी का सच्चा संरक्षक बताया।
स्कॉटलैंड के रीडी को 2006 में नाइट की उपाधि से सम्मानित किया गया था। वह 1994 में आईओसी के सदस्य बने और 2021 में मानद सदस्य बनाए गए। आईओसी ने घोषणा की है कि स्विट्जरलैंड के लॉज़ेन स्थित मुख्यालय में उनके सम्मान में तीन दिनों तक झंडा आधा झुका रहेगा।


