
नई दिल्ली : (New Delhi) भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब दो महीने बाद पहली बार 700 अरब डॉलर के स्तर से नीचे आ गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) (Reserve Bank of India) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 20 मार्च 2026 को समाप्त सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार (foreign exchange) घटकर 698.35 अरब डॉलर रह गया, जो इससे पूर्व सप्ताह में 709.76 अरब डॉलर था। इस प्रकार एक सप्ताह के भीतर भंडार में 11.41 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई है।
आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले फरवरी के अंत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 728.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद से भंडार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है और हालिया गिरावट ने इसे पुनः 700 अरब डॉलर के नीचे ला दिया है।
विदेशी मुद्रा भंडार में कमी का प्रमुख कारण स्वर्ण भंडार (गोल्ड रिजर्व) के मूल्य में गिरावट को माना जा रहा है। आरबीआई के मुताबिक, समीक्षा अवधि के दौरान गोल्ड रिजर्व का मूल्य लगभग 13.5 अरब डॉलर घटकर 117.2 अरब डॉलर रह गया। वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर इसके मूल्यांकन पर पड़ा है।
डालर की बिक्री भी करेगी प्रभावित
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार में बदलाव कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें विदेशी निवेश प्रवाह, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, वैश्विक वित्तीय बाजारों की चाल और केंद्रीय बैंक की हस्तक्षेप नीतियां शामिल हैं। विशेष रूप से विनिमय दर को स्थिर रखने के लिए आरबीआई द्वारा बाजार में डॉलर की बिक्री भी भंडार पर असर डाल सकती है।
हालांकि, मौजूदा स्तर को अभी भी पर्याप्त माना जा रहा है, क्योंकि यह कई महीनों के आयात को कवर करने की क्षमता रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और पूंजी प्रवाह के आधार पर आने वाले सप्ताहों में भंडार की दिशा तय होगी।


