spot_img

New Delhi : मुखर्जी नगर के कोचिंग सेंटर में आग, छात्रों ने रस्सी के सहारे बचाई जान

नई दिल्ली : मुखर्जी नगर में बत्रा सिनेमा के पास गयाना भवन में गुरुवार दोपहर बिजली मीटरों में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से आग लग गई। हादसे के बाद धुआं ऊपरी मंजिल पर भर जाने से हड़कंप मच गया। ऊपरी मंजिलों में कॉचिंग ले रहे करीब साढ़े तीन सौ छात्र-छात्राएं रस्सी या फिर खिड़की के जरिये बाहर निकले। इस बीच कुछ छात्र छात्राओं का रस्सी से संतुलन बिगड़ने पर वे तीसरी और दूसरी मंजिल से नीचे गिर गई। दमकल कर्मियों ने तुरंत जहां आग पर पूरी तरह से काबू किया। वहीं, आसपास कोचिंग ले रहे छात्रों ने पुलिस की मदद से बिल्डिंग में फंसे छात्राओं को सुरक्षित निकाला। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 60 से ज्यादा बच्चों को धुएं से सांस लेने में दिक्कतें आई। जिनको तुरंत नजदीक के चार अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।

जिनमें से दो की हालत नाजुक बताई गई। पुलिस मामला दर्ज करके पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बिल्डिंग मालिकों के पास फायर का लाइसेंस था या नहीं। पुलिस ने सौ से ज्यादा छात्रों के बयान भी दर्ज किए हैं। जिन्होंने कोचिंग संस्थानों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पूरे हादसे के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए। जिसमें किस तरह से छात्र-छात्राएं रस्सी के सहारे अपनी जान बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे थे। जबकि कुछ ऊपर से ही कूदते नजर आ रहे थे।

पुलिस उपायुक्त जितेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि आग 12 बजकर 27 मिनट पर आग लगी थी। आग ग्राउंड फ्लोर पर बिजली के मीटरों में लगी थी। जिसका धुआं ऊपरी मंजिल पर जाने से कॉचिंगों में पढ़ाई कर रहे बच्चे फंस गए थे। घबराहट में बच्चे खिड़कियां खोलकर रस्सी के सहारे नीचे उतरे जिसमें से कुछ बच्चे रस्सी से गिर भी गए थे। हादसे की चपेट में आए सभी बच्चों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अधिकतर बच्चों कर दम घुटने से तबीयत खराब हुई थी। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत स्थिर बताई। दमकल विभाग की करीब 11 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और बच्चों को बाहर निकालने में सहायता की थी।

बस चिल्लाने की ही आवाजें सामने आ रही थी।

आसपास के लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद गयाना भवन से बच बचाने के लिये चिल्लाने की ही आवाजें आ रही थी। ग्राउंड फ्लोर पर आग थी और ऊपर की मंजिलों में धुआं ही धुआं था। कुछ छात्र खिड़कियों के बाहर लगे बैनर फाड़ रहे थे तो कुछ खिड़कियों में लगे कांच को तोड़ रहे थे। टेंपो वालों से ली रस्सियों व एक छोटी सी लकड़ी की सीढ़ी की सहायता से एक एक करके सभी को नीचे उतार रहे थे। कुछ बच्चे इतने घबरा गए थे कि वो दूसरी मंजिल से रस्सी से संतुलन बिगड़ने से नीचे भी गिर गए थे।

अपनों की तलाश में सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे स्टूडेंट

छात्रों ने बताया कि उनको नहीं पता कि उनके दोस्त कहां और किस अस्पताल में किस हालत में पड़े हैं। पुलिस से भी कोई सहायता नहीं मिल रही थी। फोन भी कोई नहीं उठा रहा था। क्योंकि जो फोन थे। उनके बैगों में थे। जबकि बैग कोचिंग वाले इकट्ठा करके अपने साथ ले गए थे, इसलिये खुद ही आपस में व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर ही अस्पतालों के चक्कर लगाकर अपनों का हालचाल जानने की कोशिश करते रहे थे। कोचिंग वाले बस इसलिये बात कर रहे थे क्योंकि उनको लग रहा था कि कोई स्टूडेंट उनकी लापरवाही को उजागर नहीं कर दें। ऐसे लोग अस्पतालों में भी दिखाई दिये।

दिल्ली में हजारों कोचिंग सेंटरों की हालत राम भरोसे

दक्षिणी दिल्ली के बेर सराय, कालू सराय, कटवारिया सराय, अधचिनी, मदनगीर, मुनीरका गांव के आसपास एक-दो नहीं हजारों की संख्या में कोचिंग इंस्टीट्यूट चल रहे हैं। बेर सराय इलाके में तो गांव के बाहरी हिस्से में ही नहीं गांव की तंग गलियों में सैंकड़ों कोचिंग संस्थान हैं और कई तो इतने बड़े नाम वाले हैं जिनकी फीस चुकाने में अभिभावकों को वर्षों कर्जा उतारने में गुजर जाते हैं। साउथ एक्सटेंशन के इलाके में भी ऐसे सैंकड़ों इंस्टीट्यूट हैं जो कोचिंग करवाते हैं। यहां पढ़ने वाले बच्चों ने माना कि इनके नाम बहुत बड़े हैं और रिसेप्शन भी भव्य होगा लेकिन कोचिंग क्लासेस में भेड़ों की तरह से बच्चे भरे होते हैं।

मुनीरका गांव में एक बिल्डिंग के बेसमेंट में एक तरफ फर्नीचर की वर्कशॉप हैं वहीं कोचिंग इंस्टीच्यूट चल रहे हैं। मुनीरका में जैसे ही बेसमेंट में उतरते हैं यहां बनी दुकानों में एसी की भीषण गरमी से देह झुलसती है और उसी के बीच बच्चे खड़े हुए इंतजार करते नजर आते हैं। कालू सराय में पढऩे वाले बच्चों ने माना कि हालत बहुत खराब है, पैसे वसूली बहुत ज्यादा है इसके बाद भी मांग में कमी नहीं दिखती। हर साल फीस बढ़ जाती है और सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं दिया जाता है।

Mumbai : मेगा बजट पर बनेगी एसएस राजामौली की ‘वाराणसी’

मुंबई : (Mumbai) बाहुबली ('Baahubali') फ्रैंचाइजी और आरआरआर जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से दुनियाभर में पहचान बनाने वाले निर्देशक एसएस राजामौली (Director SS Rajamouli) की...

Explore our articles