नई दिल्ली : (New Delhi) मुंबई के लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट (Mumbai’s Lilavati Kirtilal Mehta Medical Trust) ने एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शशिधर जगदीशन (Chief Executive Officer (CEO) Shashidhar Jagdishan) के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है। एचडीएफसी बैंक ने इन आरोपों को बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया है।
बैंक ने सोमवार को एक बयान में बताया है कि लीलावती कीर्तिलाल मेडिकल ट्रस्ट के आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा है कि वो अपने सीईओ के साथ खड़ा है। इस मामले में हर कानूनी रास्ता अपनाएगा।
इस बीच मेहता परिवार ने एचडीएफसी बैंक में शशिधर जगदीशन को सभी भूमिकाओं से निलंबित करने की मांग की है और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) (Securities and Exchange Board of India (SEBI)) जैसी नियामक संस्थाओं से कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
मुंबई के प्रसिद्ध लीलावती अस्पताल की देखरेख करने वाले ट्रस्ट ने वित्तीय धोखाधड़ी का आरोप लगाया था, जिसके बाद बॉम्बे मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर एक एफआईआर दर्ज की गई थी। ट्रस्ट का दावा है कि शशिधर जगदीशन ने उनके एक पूर्व मेंबर से 2.05 करोड़ रुपये लिए, जिसका मकसद ट्रस्ट के एक मौजूदा मेंबर के पिता को परेशान करना था। एफआईआर में एचडीएफसी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व कर्मचारियों सहित अन्य पर ट्रस्ट से जुड़े फंड का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया हैै।


