spot_img

New Delhi : वित्त मंत्री सीतारमण ने आर्थिक समीक्षा 2025-26 किया पेश

New Delhi: Finance Minister Sitharaman presents Economic Survey 2025-26

नई दिल्‍ली : (New Delhi) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश की। सर्वेक्षण में देश की आर्थिक वृद्धि दर अगामी वित्त वर्ष 2026-27 में 6.8 से 7.2 फीसदी के बीच रहने का अनुमान जताया गया है। यह चालू वित्त वर्ष 2025-26 के 7.4 फीसदी के अनुमान से थोड़ा कम है। इस सर्वे के मुताबिक केंद्र सरकार की राजस्व प्राप्तियां वित्त वर्ष 2024-25 (अस्थायी) में बढ़कर सकल घरेलू उत्‍पाद (Gross Domestic Product) (GDP) के 9.2 फीसदी पर पहुंच गईं है।

आर्थिक सर्वेक्षण की मुख्य बातें-

संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार 7.4 फीसदी और सकल मूल्य वर्धन (Gross Value Added) (GVA) वृद्धि दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान है।

-सर्वेक्षण में भारत की संभावित वृद्धि दर लगभग सात फीसदी आंकी गई है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.8 से 7.2 फीसदी के बीच रहने का अनुमान जताया गया है।

-केंद्र सरकार की राजस्व प्राप्तियां वित्त वर्ष 2024-25 (अस्थायी) में बढ़कर जीडीपी के 9.2 फीसदी पर पहुंच गईं है। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां सितंबर, 2025 में घटकर 2.2 फीसदी पर आ गईं है, जो कई दशक का निचला स्तर है।

-आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के मुताबिक प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत मार्च, 2025 तक 55.02 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें से 36.63 करोड़ खाते ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं।

–चालू वित्त वर्ष 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) के दौरान 2.35 करोड़ डीमैट खाते जोड़े गए, जिससे इनकी कुल संख्या 21.6 करोड़ से अधिक हो गई। सितंबर, 2025 में विशिष्ट निवेशकों की संख्या 12 करोड़ के पार पहुंच गई, जिनमें लगभग 25 फीसदी महिलाएं हैं।

–आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के मुताबिक भारत की वैश्विक वस्तु निर्यात में हिस्सेदारी 2005 से 2024 के बीच एक फीसदी से करीब दोगुनी होकर 1.8 फीसदी हो गई। इसके साथ ही सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में 13.6 फीसदी की वृद्धि के साथ 387.6 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया।

-सर्वे में कहा गया है कि भारत दुनिया में धन प्रेषण (रेमिटेंस) प्राप्त करने वाला सबसे बड़ा देश बना हुआ है, जहां वित्त वर्ष 2024-25 में यह प्रवाह बढ़कर अब 135.4 अरब डॉलर हो गया।

-आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के मुताबिक 16 जनवरी, 2026 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 701.4 अरब डॉलर हो गया, जो 11 माह के आयात और 94 फीसदी बाह्य ऋण के लिए पर्याप्त है। अप्रैल-दिसंबर, 2025 के दौरान घरेलू मुद्रास्फीति यानी महंगाई दर औसतन 1.7 फीसदी रही।

-सर्वेक्षण के मुताबिक वर्ष 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 35.77 करोड़ टन होने का अनुमान है जो पिछले वर्ष की तुलना में 254.3 लाख टन अधिक है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत शुरुआत से अब तक 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि पात्र किसानों को जारी की जा चुकी है।

-आर्थिक सर्वे में कहा गया है, ‘विकसित भारत-जी राम जी’, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का एक व्यापक वैधानिक सुधार है। इसका उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को विकसित भारत 2047 के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अनुरूप बनाना है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली और दूसरी तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र का जीवीए क्रमशः 7.72 फीसदी और 9.13 फीसदी बढ़ा, जो संरचनात्मक सुधार को दर्शाता है।

-आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं के तहत 14 क्षेत्रों में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का वास्तविक निवेश आकर्षित हुआ है। इससे 18.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त उत्पादन/बिक्री और 12.6 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं (सितंबर, 2025 तक)।

-सर्वेक्षण के मुताबिक भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत करीब 1.60 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 10 परियोजनाओं से घरेलू क्षमता मजबूत हुई है। उच्च गति गलियारे वित्त वर्ष 2013-14 के 550 किलोमीटर से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) में 5,364 किलोमीटर हो गए, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में 3,500 किलोमीटर रेलवे लाइन जोड़ी गई।

-आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के मुताबिक भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार है, जहां हवाई अड्डों की संख्या 2014 में 74 से बढ़कर 2025 में 164 हो गई। बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए ऐतिहासिक मोड़ आया है जिन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 में पहली बार 2,701 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया।

-सर्वे में कहा गया है कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा और स्थापित सौर क्षमता में वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है। जनवरी, 2026 तक ई-श्रम पोर्टल पर 31 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं जिनमें 54 फीसदी महिलाएं हैं।

Explore our articles