
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली उच्च न्यायालय पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर (former Union Minister MJ Akbar) की उस याचिका पर 24 सितंबर को अंतिम सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने पत्रकार प्रिया रमानी (journalist Priya Ramani) के खिलाफ दायर मानहानि याचिका को खारिज करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया।
उच्च न्यायालय ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के सभी रिकॉर्ड मिल गए हैं और दोनों पक्षों की ओर से लिखित दलीलें दाखिल कर दी गई हैं। ऐसे में अंतिम सुनवाई 24 सितंबर को की जाएगी। कोर्ट ने 11 अगस्त, 2021 को प्रिया रमानी को नोटिस जारी किया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने 17 फरवरी, 2021 को एमजे अकबर के मानहानि के केस को खारिज करते हुए प्रिया रमानी को बरी कर दिया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने प्रिया रमानी को बरी करते हुए कहा था कि किसी महिला को दशकों के बाद भी अपनी शिकायत रखने का हक है।
ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि यौन प्रताड़ना किसी की गरिमा और स्वाभिमान को चोट पहुंचाते हैं। छवि का अधिकार गरिमा के अधिकार की रक्षा नहीं कर सकता है। ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि किसी महिला को दशकों के बाद भी अपनी शिकायत रखने का हक है।
कोर्ट ने पौराणिक उल्लेख करते हुए कहा था कि सीता की रक्षा में जटायु आए थे। कोर्ट ने फैसले में महाभारत का भी जिक्र किया है। कोर्ट ने कहा था कि भारत में महिलाओं को बराबरी मिलनी चाहिए। संसद ने महिलाओं की रक्षा के लिए कई कानून बनाए हैं। एमजे अकबर ने 15 अक्टूबर, 2018 को प्रिया रमानी (Priya Ramani) के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया था।


