
नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एशिया में युद्ध की शुरुआत होने के बाद से ही दुनिया भर के स्टॉक मार्केट की तरह घरेलू शेयर बाजार (domestic stock market) भी लगातार दबाव में कारोबार कर रहा है। इस दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign Institutional Investors) (FIIs) शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली करके अपने पैसे की निकासी कर रहे हैं। विदेशी निवेशक सबसे अधिक फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में बिकवाली कर रहे हैं। मार्च के पहले पखवाड़े में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों की बिकवाली करके 31 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है। जबकि फरवरी के महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने फाइनेंशियल सेक्टर में 8,400 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की थी।
नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (National Securities Depository Limited) (NSDL) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार मार्च के महीने में पहले पखवाड़े के कारोबार के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार में कुल मिला कर 53,700 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। इसमें अकेले फाइनेंशियल सेक्टर में ही 31,831 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए गए। फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों के अलावा विदेशी संस्थागत निवेशक टेलीकॉम, ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन और ऑयल एंड गैस जैसे दूसरे सेक्टर्स में भी बिकवाली करते रहे।
मार्च के पहले पखवाड़े में विदेशी निवेशकों ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में 4,807 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं टेलीकॉम सेक्टर में भी बिकवाली कर विदेशी निवेशकों ने मार्च के पहले पखवाड़े में 3,856 करोड़ रुपये की निकासी की। इसी तरह कंस्ट्रक्शन सेक्टर में मार्च के पहले पखवाड़े के दौरान विदेशी निवेशकों ने 2,975 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि ऑयल ऐंड गैस सेक्टर (Oil & Gas sector) में विदेशी निवेशकों ने बिकवाली कर 2,932 करोड़ रुपये की निकासी की।
इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मार्च के पहले पखवाड़े के दौरान हेल्थ केयर सेक्टर से 2,436 करोड़ रुपये निकाले, वहीं एफएमसीजी सेक्टर में 2,403 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की। इसी तरह रियल्टी सेक्टर से विदेशी निवेशकों ने मार्च के पहले पखवाड़े के दौरान 2,133 करोड़ रुपये निकले, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर से विदेशी निवेशकों ने 1,727 करोड़ रुपये निकले। इसके अलावा मार्च के पहले पखवाड़े में विदेशी निवेशकों ने शेयरों की बिकवाली कर कंस्ट्रक्शन मैटेरियल सेक्टर से 1,492 करोड़ रुपये और आईटी सेक्टर से 1,263 करोड़ रुपये की निकासी की।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण स्टॉक मार्केट के ज्यादातर सेक्टर में जबरदस्त बिकवाली होती रही। हालांकि इसी दौरान कैपिटल गुड्स, मेटल एंड माइनिंग, पावर और कंज्यूमर सर्विसेज सेक्टर के शेयरों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने खरीदारी भी की। मार्च के पहले पखवाड़े के दौरान कैपिटल गुड्स सेक्टर में विदेशी निवेशकों ने 3,897 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसी तरह मेटल एंड माइनिंग सेक्टर में विदेशी निवेशकों की खरीदारी का आंकड़ा 876 करोड़ रुपये का रहा। इसके अलावा मार्च के पहले पखवाड़े के दौरान पावर सेक्टर में विदेशी निवेशकों ने 602 करोड़ रुपये के और कंज्यूमर सर्विसेज सेक्टर के 531 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि घरेलू शेयर बाजार में फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में मार्च के पहले पखवाड़े के दौरान विदेशी निवेशकों द्वारा जम कर की गई बिकवाली की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव, बढ़ती बॉन्ड यील्ड से जुड़ी चिंताएं और रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) (RBI) द्वारा कैपिटल मार्केट में उधार देने के लिए लागू किए गए सख्त नियमों को माना जा सकता है।
धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी (Vice President at Dhami) के अनुसार पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण दुनिया भर के बाजार में लगातार तेज उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसके साथ ही बॉन्ड यील्ड से जुड़ी चिंताओं के कारण भी ट्रेजरी पोर्टफोलियो पर लगातार निगेटिव असर पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में विदेशी संस्थागत निवेशक दुनिया भर के शेयर बाजारों में बिकवाली कर अपना पैसा निकालने की कोशिश में जुट गए हैं। यही कारण है कि घरेलू शेयर बाजार में भी विदेशी निवेशक फिलहाल चौतरफा बिकवाली का दबाव बनाए हुए हैं।


