नई दिल्ली : (New Delhi) चुनाव आयोग (Election Commission) ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश (Congress leader Jairam Ramesh) की वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों को लेकर जताई गई चिंता को खारिज करते हुए आज कहा कि उन्होंने कोई नया दावा नहीं किया है। यह कोई ऐसा कानूनी और तार्किक पक्ष नहीं रखा गया है, जिस पर आगे स्पष्टीकरण की जरूरत है।
आयोग ने कहा, “पहले पत्रों के अनुक्रम में वर्तमान पत्र दिनांक 30 दिसंबर, 2023 में कोई नया दावा या उचित और वैध संदेह नहीं है, जिसके लिए और स्पष्टीकरण की आवश्यकता है।”
चुनाव आयोग ने जयराम रमेश को लिखे पत्र में एक बार फिर ईवीएम के माध्यम से चुनाव कराए जाने पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है। चुनाव आयोग का कहना है कि उसकी ओर से दिए गए ‘फ्रिक्वेंटली आस्क क्वेश्चंस’ के जवाब में उनकी उठाई गई सभी चिंता और कानूनी पहलुओं का जवाब मौजूद है।
उल्लेखनीय है कि विपक्षी गठबंधन ने 19 दिसंबर को एक बैठक में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त किया था। रमेश ने इसी संबंध में चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि विपक्षी गठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल को (वीवीपैट) पर्चियों पर अपने विचार रखने के लिए समय दिया जाए।


