
नई दिल्ली : (New Delhi) लोकसभा में मंगलवार को अध्यक्ष ओम बिरला (Speaker Om Birla) को पद से हटाने को लेकर प्रस्ताव पर चर्चा शुरु हुई। प्रस्ताव कांग्रेस नेता मोहम्मद जावेद (Congress leader Mohammad Javed) ने प्रस्तुत किया। इस दौरान अध्यक्षीय आसन पर पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल मौजूद थे। प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
चर्चा की शुरुआत में ही कुछ सदस्यों ने अध्यक्षीय आसन पर पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल (Officer Jagdambika Pal) के होने पर आपत्ती जताई। नियमों का हवाला देते हुए इन विपक्षी सदस्यों ने मांग की कि प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कौन अध्यक्षीय आसन पर होगा यह सदन निर्धारित करेगा।
एआईएमआईएम सदस्य असद्दुदीन औवेसी (AIMIM member Asaduddin Owaisi) ने कहा कि सदन की नियमों के अनुसार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति में सदन की अनुमति के बिना अध्यक्षीय आसन पर पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति गलत है। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और तृणमूल नेता सौगत राय (Congress leader KC Venugopal and Trinamool leader Saugata Roy) ने इसी को दोहराया।
दूसरी ओर सत्ता पक्ष से निशिकांत दुबे और रविशंकर प्रसाद (Nishikant Dubey and Ravi Shankar Prasad) ने इसका विरोध किया। दोनों ने कहा कि संविधान कहता है कि अध्यक्ष को हटाने के लिए अध्यक्षीय आसन पर कौन होगा यह सदन की नियमावली तय करेगी। नियमावली कहती है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के न होने पर पीठासीन अधिकारी सदन संचालित करेंगे। इसके बाद चर्चा प्रारंभ हुई और इसकी अनुमति प्रदान करने के लिए 50 से अधिक विपक्षी सदस्य अपने स्थान पर खड़े हो गए।


