spot_img

New Delhi : डीजीसीए ने साप्ताहिक विश्राम के नियम लिए वापस, पायलटों से सहयोग की अपील

इंडिगो संकट के बीच डीजीसीए ने पायलटों के लिए उड़ान ड्यूटी मानदंडों में किया संशोधन
नई दिल्‍ली : (New Delhi)
देश की सबसे बड़ी विमान कंपनी इंडिगो से जुड़ी दिक्कतों के बीच विमानन क्षेत्र के नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation) (DGCA) ने पायलटों के लिए छुट्टियों के स्थान पर साप्ताहिक विश्राम अवधि की अनुमति दी है। इसके साथ ही डीजीसीए ने कई विमानन कंपनियों को उड़ान शुल्क मानदंडों में संशोधन किया है।

डीजीसीए के मुताबिक इस संकट की शुरुआत नई उड़ान ड्यूटी समय सीमाएं (Flight Duty Time Limitations) (FDTL) नियमों के लागू होने से हुई है, खासकर इंडिगो एयरलाइन में। इन नियमों के तहत अब पायलटों की ड्यूटी, उड़ान के घंटे, रात में लैंडिंग की संख्या और आराम की अवधि पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा सख़्ती के साथ तय की गई है। नए नियमों में प्रमुख बदलाव किये गए हैं, जिसमें पायलटों की साप्ताहिक छुट्टी 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दी गई है। ️रात की परिभाषा अब 00:00–05:00 से बढ़ाकर 00:00–06:00 कर दी गई है। ️रात में लैंडिंग की सीमा सप्ताह में 6 से घटाकर 2 कर दी गई है। ️पायलट अब लगातार दो से अधिक रात ड्यूटी नहीं कर सकते।

इससे पहले डीजीसीए ने पहले निर्देश जारी किए थे कि क्रू सदस्यों को साप्ताहिक विश्राम के बदले कोई भी अवकाश नहीं दिया जाएगा। इस नियम का उद्देश्य पायलटों और केबिन क्रू की थकान को कम करना था, लेकिन एयरलाइनों का कहना था कि इससे रोस्टर प्रबंधन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिससे उड़ानों के संचालन में बाधा आ रही है। एयरलाइनों के संगठन ने डीजीसीए को सौंपे अपने अभ्यावेदन में बताया था कि मौजूदा ‘परिचालन व्यवधानों’ (operational disruptions) से निपटने और उड़ानों की निरंतरता बनाए रखने के लिए नियमों में लचीलेपन की जरूरत है।

इंडिगो ने गुरुवार की देर रात नागर विमानन मंत्री और डीजीसीए के साथ एक बैठक में कहा था कि उसकी सेवाएं 10 फरवरी तक पूरी तरह सामान्य हो जाएंगी। डीजीसीए ने भी बताया कि इंडिगो पायलट रोस्टरिंग सुधारने, एटीसी और हवाईअड्डों के साथ बेहतर तालमेल बनाने, टर्नअराउंड प्रक्रिया तेज़ करने और व्यवधान प्रबंधन को बेहतर करने पर काम कर रही है।

Explore our articles