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New Delhi : डीजीसीए ने एयरबस ए-320 विमान में तत्काल बदलाव का आदेश दिया

नई दिल्‍ली : (New Delhi) नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation) (DGCA) ने शनिवार को एयरबस ए-318, ए-319, ए-320 और ए321 एयरक्राफ्ट के लिए ज़रूरी सेफ्टी डायरेक्टिव जारी किया है। विमानन नियामक ने तीव्र सौर विकिरण के कारण एयरबस ए-320 श्रृंखला के कई विमानों में उड़ान नियंत्रण से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा के खराब होने की आशंका के बीच ये निर्देश जारी किए हैं।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने जारी आदेश में एयरलाइंस कंपनियों को कुछ एयरबस ए319, ए320, और ए321 एयरक्राफ्ट चलाने से तब तक रोक दिया, जब तक कि एयरबस सेफ्टी अलर्ट के हिसाब से जरूरी सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर (hardware modifications) में जरूरी बदलाव नहीं कर लिए जाते। फ्लाइट्स पर बैन रविवार सुबह 5.30 बजे से लागू होगा।

विमानन नियामक डीजीसीए के आदेश में कहा गया है, “यह पक्का किया जाना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति उस प्रोडक्ट को ऑपरेट न करे जो इस मैंडेटरी मॉडिफिकेशन के तहत आता है।”

फ्लाइट्स पर बैन रविवार सुबह 5.30 बजे से लागू होगा, जिससे एयरलाइंस छोटे एयरपोर्ट से एयरक्राफ्ट को बड़े एयरपोर्ट पर ले जा सकेंगी, जहां उनका मेंटेनेंस बेस होगा, जिससे वे रेक्टिफिकेशन एक्शन कर सकेंगी।

इसबीच एयरबस ए320 ग्लोबल सॉफ्टवेयर समस्या पर एयर इंडिया ने जारी अपने ताजा बयान में कहा, “एयर इंडिया में सेफ्टी सबसे ज़रूरी है। दुनियाभर में ए-320 फैमिली एयरक्राफ्ट पर जरूरी सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर रीअलाइनमेंट (software and hardware realignment) के लिए EASA और एयरबस के जारी निर्देशों के बाद हमारे इंजीनियर इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

एयरलाइंस ने कहा कि “हमने अपने 40 फीसदी से ज़्यादा एयरक्राफ्ट पर रीसेट पहले ही पूरा कर लिया है, जिन पर इसका असर पड़ा है और हमें भरोसा है कि EASA द्वारा तय टाइमलाइन के अंदर पूरे फ़्लीट को कवर कर लेंगे। एयर इंडिया (Air India) पुष्टि कर सकता है कि इस काम की वजह से कोई कैंसलेशन नहीं हुआ है और हमारे पूरे नेटवर्क में शेड्यूल पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। हालांकि, हमारी कुछ फ़्लाइट्स में थोड़ी देरी या रीशेड्यूल हो सकती हैं। हमारे साथी यात्रियों की मदद के लिए मौजूद हैं।”

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