नई दिल्ली : New Delhi) केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय (The Central Government) में याचिका दायर करके देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में दायर ऑनलाइन गेम को रेगुलेट (law regulating online games) करने वाले कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं को उच्चतम न्यायालय में ट्रांसफर करने की मांग की है। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई (Chief Justice BR Gava)की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मेंशन करते हुए इस याचिका पर सुनवाई की मांग की गई। उसके बाद उच्चतम न्यायालय ने इस याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करने का आदेश दिया।
इस कानून को दिल्ली उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय और कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर कर चुनौती दी गई है। दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका ऑनलाइन कैरम की कंपनी बघीरा कैरम प्राइवेट लिमिटेड ने (online carrom company Bagheera Carrom Private Limited) दायर की है। दिल्ली उच्च न्यायालय में 2 सितंबर को याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील हर्ष जायसवाल और आद्या मिश्रा (Delhi High Court, advocates Harsh Jaiswal and Aadya Mishra) ने कहा था कि ये कानून मनमाना और भ्रमपूर्ण है। तब अदालत ने कहा कि इस कानून को लागू करने के लिए सरकार किसी प्राधिकार को गठित कर रही होगी और इसके लिए नियम को बनाया जा रहा होगा। इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने (Solicitor General Tushar Mehta) उच्च न्यायालय को बताया था कि ऑनलाइन गेम को रेगुलेट करने के लिए जल्द ही प्राधिकार का गठन किया जाएगा


