
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर (Priya Kapoor, wife of the late industrialist Sanjay Kapoor) की अपनी ननद के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मंदिरा कपूर स्मिथ को नोटिस जारी किया है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा (Justice Swarn Kanta Sharma) की बेंच ने नोटिस जारी किया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों से इस मामले पर बयानबाजी नहीं करने को कहा। प्रिया कपूर ने मानहानि याचिका में कहा है कि उनके पति की मौत जून 2025 में हो गई थी। उनके पति की मौत के तुरंत बाद उनके खिलाफ लगातार झूठे बयान दिए गए। याचिका में गया गया है कि मंदिरा कपूर स्मिथ और पॉडकास्टर पूजा चौधरी के पॉडकास्ट के जरिये (podcast by Mandira Kapoor Smith and podcaster Pooja Chaudhary) उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। इस पॉडकास्ट से उन्होंने मानसिक प्रताड़ना झेली। प्रिया कपूर ने मंदिरा और पूजा से बीस करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। प्रिया कपूर ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाले पॉडकास्ट को हर प्लेटफार्म से हटाने की मांग की है। प्रिया कपूर ने अपनी सास रानी कपूर (mother-in-law, Rani Kapoor) पर भी झूठी गवाही देने का आरोप लगाने वाली याचिका उच्च न्यायालय में दायर की है।
दरअसल, संजय कपूर की मां रानी कपूर (Sanjay Kapoor’s mother, Rani Kapoor) ने पारिवारिक ट्रस्ट आरके फैमिली ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। उच्च न्यायालय इस याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रिया कपूर को नोटिस जारी कर चुका है। रानी कपूर ने अपनी याचिका में कहा है कि आरके फैमिली ट्रस्ट के गठन और उसके प्रबंधन की परिस्थितियां सवालों के घेरे में हैं।
उच्च न्यायालय में एक और याचिका दायर की जा चुकी है जिसमें संजय कपूर की 30 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति में करिश्मा कपूर के बच्चों ने हिस्सेदारी की मांग की है। उच्च न्यायालय उनकी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख चुका है। याचिका में करिश्मा कपूर के बच्चों (Karisma Kapoor’s children) ने मांग की है कि उन्हें संजय कपूर का प्रथम श्रेणी का उत्तराधिकारी घोषित किया जाए और संजय कपूर की संपत्ति में से उन्हें पांचवें हिस्से का अधिकार दिया जाए। याचिका में अंतरिम मांग की गई है कि याचिका के निस्तारण तक संजय कपूर की व्यक्तिगत संपत्तियों को फ्रीज किया जाए।


