
नई दिल्ली : (New Delhi) रबर के पार्ट्स और कंपोनेंट्स बनाने वाली डिफ्रेल टेक के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 74 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म (BSE SME platform) पर इसकी लिस्टिंग 28.38 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 95 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयर उछल कर 99.75 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंचे। हालांकि थोड़ी ही देर बाद मुनाफा वसूली शुरू हो गई, जिसकी वजह से शेयर के भाव में गिरावट आ गई। सुबह 11 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 91.10 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
डिफ्रेल टेक का 13.77 करोड़ रुपये का आईपीओ 9 से 13 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 105.54 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (QIBs) के लिए रिजर्व पोर्शन 71.09 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Non-Institutional Investors) (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में 160.95 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 101.28 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 18,60,800 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नए इक्विपमेंट और मशीनरी (equipment and machinery) की खरीदारी करने, सोलर पैनल का इंस्टॉलेशन करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Draft Red Herring Prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 11 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 1.51 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी शानदार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे सिर्फ 72 लाख रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में रॉकेट की रफ्तार से बढ़ कर 62.22 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की अवधि में कंपनी को 39.08 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस दौरान कंपनी पर कर्ज में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के आखिर में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ सिर्फ 41 लाख रुपये था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 के आखिर में बढ़ कर 11.56 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की अवधि तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 11.78 करोड़ रुपये हो चुका था।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस (company’s reserves and surplus) की बात करें, तो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिरी में ये 11 लाख रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के आखिरी में बढ़ कर 3.96 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 5.46 करोड़ रुपये के स्तर पर था।


