नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट (Delhi’s Patiala House Court) ने धौला कुआं इलाके में हुए बीएमडब्ल्यू कांड मामले की आरोपित गगनप्रीत कौर की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अंकित गर्ग ने जमानत याचिका फैसला सुरक्षित रखने का आदेश दिया।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान गुरुवार काे सीसीटीवी फुटेज और दूसरे साक्ष्यों को देखा। कोर्ट ने 24 सितंबर को दिल्ली पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और दूसरे साक्ष्यों को पेश करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान गगनप्रीत कौर के वकील प्रदीप राणा ने कहा कि आरोपित की मंशा गलत नहीं थी। गगनप्रीत कौर ने वेंकटेश्वर अस्पताल को फोन किया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। गगनप्रीत कौर ने पीसीआर को भी फोन किया। यहां तक कि आरोपित ने घायलों को न्यूलाइफ अस्पताल लेकर गई और अपने पिता को इलाज के लिए जरुरी इंतजाम करने को कहा। घटना के 10 घंटे के बाद एफआईआर क्यों दर्ज की गई। राणा ने कहा कि आरोपित कोई अग्रिम जमानत नहीं मांग रही है, वो 10 दिनों से हिरासत में है। उसके भागने का भी कोई खतरा नहीं है। उसने जांच में सहयोग किया है। उसका मोबाइल भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
गगनप्रीत की जमानत याचिका का विरोध करते हुए दिल्ली पुलिस के वकील अतुल श्रीवास्तव (lawyer Atul Srivastava) ने कहा कि आरोपित के घर से एम्स अस्पताल, न्यूलाइफ के मुकाबले नजदीक था। दुर्घटना में गोल्डन आवर का सिद्धांत होता है और जल्दी चिकित्सा देना होता है। उन्होंने कहा कि अस्पताल ने जो दस्तावेज बनाए थे उसमें समय का कोई उल्लेख नहीं है। आरोपित की ओर से किया गया फोन पुलिस को सूचना देने के मकसद से नहीं बल्कि घटना की सूचना देने की नीयत से था। अस्पताल से जिसने पुलिस को फोन किया उसने कहा कि एक मरीज की मौत हो चुकी है जबकि एक घायल है। अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपित साउथ दिल्ली में छह सालों से रह रही हैं और उन्हें इलाके के अस्पतालों की पूरी जानकारी थी। आरोपित का मकसद घायल को बचाना नहीं बल्कि खुद को कानूनी प्रक्रियाओं से बचाना था।
14 सितंबर को धौला कुआं मेट्रो स्टेशन के पास बीएमडब्ल्यू हादसा हुआ था। हादसे में वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी 52 वर्षीय नवजोत सिंह की मौत हो गई थी। इस हादसे में नवजोत सिंह की पत्नी संदीप कौर भी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
गगनप्रीत कौर (Gaganpreet Kaur) पर आरोप है कि वो कार चला रही थीं। दिल्ली पुलिस ने 15 सितंबर को गगनप्रीत कौर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट ने आराेपित काे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। दिल्ली पुलिस ने गगनप्रीत कौर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, लापरवाही से गाड़ी चलाने और सबूत मिटाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज किया था।


