spot_img

New Delhi : केवाईसी अपडेट के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला साइबर गिरोह का भंडाफोड़

New Delhi: Cyber ​​Gang Involved in Multi-Crore Fraud Under the Guise of KYC Updates Busted

नई दिल्ली : (New Delhi) दक्षिण-पश्चिम जिले (South-West district) की साइबर थाना पुलिस ने केवाईसी अपडेट के बहाने बैंक ग्राहकों को ठगने वाले बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस संबंध में झारखंड (Jamtara-Dhanbad region) और पश्चिम बंगाल से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को जाल में फंसाते थे। आरोपितों के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और ठगी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान शिव कुमार रविदास (22), संजय रविदास (33), दिनेश रविदास (29) और शुभम कुमार बरनवाल (25) के रूप में हुई है। यह गिरोह बैंक के नाम पर कॉल और व्हाट्सऐप संदेश भेजकर पीड़ितों को केवाईसी अपडेट का झांसा देता था। इसके बाद उन्हें एपीके फाइल इंस्टॉल करवाकर मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स पर अवैध रूप से नियंत्रण हासिल कर लेता था।

एक कॉल से उड़ गए 8.33 लाख रुपये

दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल (Amit Goyal) ने शनिवार को बताया कि इस मामले की शुरुआत सागरपुर निवासी महिला की शिकायत से हुई। पीड़िता ने बताया कि 13 दिसंबर 2025 को उसे अज्ञात नंबरों से कॉल और व्हाट्सऐप संदेश आए, जिसमें खुद को बैंक अधिकारी बताकर केवाईसी अपडेट (KYC updates) की तत्काल जरूरत बताई गई। पीड़िता को एक लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक करते ही उसका मोबाइल हैक हो गया। इसके दो दिन बाद, 15 दिसंबर 2025 को पीड़िता को मैसेज मिले कि उसके एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड (Axis Bank credit card) पर 8.33 लाख रुपये का लोन प्रोसेस हो गया है और 5 लाख व 3.30 लाख रुपये की अवैध निकासी हो चुकी है। पीड़िता ने किसी भी तरह के लोन या लेनदेन से इनकार किया, जिसके बाद साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक की देखरेख में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपित झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच लगातार लोकेशन बदलकर वारदात को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र में छापा मारकर तीन आरोपितों को खुले खेत में बैठकर लोगों को ठगी के कॉल करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। बाद में चौथे आरोपित को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि शिव कुमार रविदास एपीके फाइल और म्यूल बैंक खातों की व्यवस्था करता था। संजय और दिनेश पीड़ितों को कॉल कर बैंक अधिकारी बनकर बात करते थे, जबकि शिव कुमार और शुभम एटीएम व पीओएस मशीनों के जरिए ठगी की रकम निकालते थे। जांच में आरोपितों के मोबाइल से एपीके फाइलें, व्हाट्सऐप चैट, बैंक डिटेल्स वाली एक्सेल शीट और लेनदेन से जुड़े मैसेज बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपितों के पास से 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, एटीएम निकासी के दौरान पहने गए कपड़े और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित और प्रशिक्षित साइबर ठग गिरोह है, जो देशभर में लोगों को निशाना बना रहा था।

Explore our articles