
नई दिल्ली : (New Delhi) सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को डिजिटल गिरफ्तारी और साइबर धोखाधड़ी के जरिए 54,000 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी को पूरी तरह से ‘लूट या डकैती’ बताया और कहा कि यह कई छोटे राज्यों के सालाना बजट से भी अधिक है। ये आंकड़े नवंबर 2021 से नवंबर, 2025 तक के हैं। शीर्ष अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए साइबर ठगी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार को भारतीय रिजर्व बैक (आरबीआई) (Reserve Bank of India), बैंकों और संचार विभाग जैसे हित धारकों के साथ विचार विमर्श करने के बाद 4 सप्ताह के भीतर एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का मसौदा तैयार करने का निर्देश दिया है।


