
नई दिल्ली : (New Delhi) मध्य पूर्व में युद्ध तेज होने के बाद कच्चे तेल की कीमत में 7 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। क्रूड आयल के भाव में ये उछाल अमेरिका-इजरायल के ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद आया है।
वैश्विक बाजार में सोमवार को ब्रेंट क्रूट तेल की कीमत 7.60 फीसदी बढ़कर 78.41 डॉलर प्रति बैरल रही, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (West Texas Intermediate) (WTI) क्रूड का वायदा भाव 7.19 फीसदी बढ़कर 71.86 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इसी बीच पेट्रोलियम निर्यातक देशों के प्रमुख संगठन ओपेक ने अगले महीने से कच्चे तेल के उत्पादन बढ़ाने पर अपनी सहमति जताई है। सऊदी अरब और रूस के नेतृत्व में प्रमुख सदस्य प्रतिदिन 2 लाख 6 हजार बैरल अतिरिक्त उत्पादन करेंगे।
विश्लेषकों का कहना है कि मध्य पूर्व यानी पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक वायदा बाजार (global futures market) में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। इस क्षेत्र में तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका से कारोबारियों ने खरीदारी बढ़ा दी है। एक रिपोर्टों के अनुसार यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान जारी रहता है, तो ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती है। व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की स्थिति में कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से भी अधिक जा सकते हैं।
मध्य पूर्व में लंबे समय तक तनाव बने रहने से परिवहन और समुद्री बीमा लागत बढ़ सकती है। खाड़ी क्षेत्र के समुद्री मार्ग बाधित हो सकते हैं, जिससे व्यापार संतुलन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।


