
नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच कच्चे तेल के दाम में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है, जिसका असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार (international market) में हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को कच्चे तेल यानी (crude oil) का भाव 115 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया।
आज कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड वायदा भाव 1.71 डॉलर यानी 1.6 फीसदी बढ़कर 110.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (West Texas Intermediate) (WTI) क्रूड का वायदा कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया। एचएसबीसी की एक रिपोर्ट में पहले ही यह चेतावनी दी जा चुकी है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे वक्त तक 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहती है, तो आने वाले समय में और गंभीर स्थिति आ सकती है। इस रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि लंबे समय तक यही हाल बना रहता है, तो महंगाई दर 6 फीसदी से ऊपर जा सकती है। यदि महंगाई दर 6 फीसदी से ऊपर जाती है, तो इससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर होगा। खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीज बिजली ट्रांसपोर्ट आदि सब महंगे हो जाएंगे।
पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल खेती की जरूरत से लेकर ट्रांसपोर्टेशन, कारखानों, बिजली उत्पादन जैसे कई जगह किया जाता है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त की वजह मध्य-पूर्व के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र में शिपिंग से जुड़ी समस्याओं के कारण आपूर्ति में रुकावट को लेकर बनी है, जो अमेरिका और इजराइल का ईरान के साथ जारी संघर्ष के कारण पैदा हुई हैं। कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) की नई धमकी के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ईरान को मंगलवार देर शाम 8:00 बजे तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को खोलने का समय दिया है।


