
नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच खुदरा महंगाई दर (retail inflation rate) मार्च में मामूली बढ़कर 3.40 फीसदी हो गई, जो फरवरी महीने में 3.21 फीसदी के स्तर पर थी। खुदरा महंगाई दर में ये वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी के कारण हुई है। हालांकि, यह अभी भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) (Reserve Bank of India) के 4 फीसदी के लक्ष्य से नीचे है। मार्च में खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि की दर 3.87 फीसदी रही, जो पिछले महीने फरवरी में 3.47 फीसदी थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) (National Statistical Office) ने बताया कि मार्च में ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 3.63 फीसदी और शहरी इलाकों में खुदरा महंगाई दर 3.11 फीसदी रही है। मार्च में ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 3.96 फीसदी रही है, जबकि शहरी इलाकों में यह 3.71 फीसदी थी। आंकड़ों के अनुसार मार्च में प्याज -27.76 फीसदी, आलू -18.98 फीसदी, लहसुन -10.18 फीसदी, अरहर -9.56 फीसदी और मटर, चना -7.87 फीसदी की गिरावट के साथ राष्ट्रीय स्तर पर सबसे कम महंगाई दर्ज करने वाले शीर्ष पांच प्रमुख रहे हैं। इन सभी में महंगाई दर सालाना आधार पर नकारात्मक रही है।
दूसरी ओर मार्च में चांदी की ज्वैलरी 148.61 फीसदी, सोना/हीरा/प्लेटिनम ज्वैलरी 45.92 फीसदी, कोपरा 45.52 फीसदी, टमाटर (35.99 फीसदी और फूलगोभी 34.11 फीसदी, राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक महंगाई दर्ज करने वाले शीर्ष 5 प्रमुख आइटम रहे हैं। इन सभी आइटम में महंगाई दर सालाना आधार पर सकारात्मक रही है। इसके अलावा मार्च में जिन पांच राज्यों में खुदरा महंगाई दर सबसे अधिक रही है, उनमें तेलंगाना (5.83 फीसदी), आंध्र प्रदेश (4.05 फीसदी), कर्नाटक (3.96 फीसदी), तमिलनाडु (3.77 फीसदी) और राजस्थान (3.64 फीसदी) शामिल है।


