
नई दिल्ली : (New Delhi) राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) (SIR) को लेकर कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया के नाम पर चुनाव आयोग और भाजपा लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं और कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
डोटासरा ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर दावा किया कि झुंझुनू में एक ही दिन में 13,882 फॉर्म-7 जमा किए गए, मंडावा में 16,276, उदयपुरवाटी में 1,241 और खेतड़ी में 1,478 फॉर्म जमा हुए। पूरे राज्य में करीब 1,40,000 फॉर्म रजिस्टर करवा दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया गया कि 13 जनवरी को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) के राज्य प्रवास के दौरान भाजपा ने गुप्त रूप से यह प्रक्रिया चलाई और हर विधानसभा क्षेत्र में 10 से 15 हजार फर्जी कंप्यूटराइज्ड फॉर्म प्रिंट कराए गए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि नियमों के अनुसार एक बीएलए (Booth Level Agent) (BLA) एक दिन में केवल 10 फॉर्म जमा कर सकता है, लेकिन फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए हजारों फॉर्म एसडीएम कार्यालयों में जमा कराए। कई बीएलए ने मीडिया के सामने बयान दिया कि उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं और फॉर्म अधूरे हैं।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि अधिकारियों पर दबाव बनाकर फॉर्म स्वीकार करवाए जा रहे हैं और जिन कर्मचारियों ने विरोध किया उनका तबादला कर दिया गया। यह लोकतंत्र और जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ है। बाबा साहेब के संविधान (Babasaheb Ambedkar’s Constitution) ने गरीबों को वोट देने का अधिकार दिया है, जिसे छीना जा रहा है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की है और कहा है कि यदि यह प्रक्रिया जारी रही तो चुनाव करवाने की आवश्यकता ही नहीं बचेगी।


