नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने मनी लांड्रिंग मामले की आरोपित और यूनिटेक के प्रमोटर संजय चंद्रा की पत्नी प्रीति चंद्रा को जमानत दे दी है। जस्टिस जसमीत सिंह ने इस आदेश को 16 जून तक लागू नहीं करने का आदेश दिया। हाई कोर्ट में ईडी ने मांग की थी कि 16 जून तक आदेश पर रोक लगाई जाए, तब तक वो इस आदेश को चुनौती दे सकता है।
प्रीति चंद्रा ने अपनी याचिका में कहा था कि वो एक फैशन डिजाइनर हैं। वो 4 अक्टूबर, 2021 से हिरासत में हैं और किसी भी अपराध में शामिल नहीं रही हैं। 7 नवंबर, 2022 को ट्रायल कोर्ट ने प्रीति चंद्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 31 मार्च, 2017 की रात संजय चंद्रा को वित्तीय अनियमितता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406 और 120बी के तहत गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ आरोप है कि वो गलत तरीके से एक प्रोजेक्ट का फंड दूसरे प्रोजेक्ट में लगा रहा था। संजय चंद्रा को निवेशकों की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था ।
सुप्रीम कोर्ट ने 20 जनवरी, 2021 को केंद्र सरकार को यूनिटेक काे टेकओवर करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के पूर्व आईएएस अधिकारी वाईएस मलिक को यूनिटेक का सीएमडी बनाया था। 7 दिसंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक का फोरेंसिक ऑडिट करने का आदेश दिया था।


