नई दिल्ली : (New Delhi) कोयला मंत्रालय “वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी और कोयला क्षेत्र में अवसरों” (“Commercial Coal Mine Auction and Opportunities in Coal Sector”) पर बुधवार को कोलकाता में एक रोड शो आयोजित करेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य निवेशकों, उद्योग जगत के दिग्गजों, खनन विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को एक साथ लाना है, जो देश के कोयला क्षेत्र में परिवर्तनकारी अवसरों का पता लगाने के लिए एक गतिशील मंच प्रदान करता है।
कोयला मंत्रालय के अनुसार यह रोड शो कोयला क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की व्यापक शृंखला को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, पारदर्शिता बढ़ाने और सभी हितधारकों के लिए समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण सरकारी सुधारों से प्रेरित है। यह कार्यक्रम आगामी वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ निवेश संभावनाओं पर चर्चा करेगा और भारत के बढ़ते कोयला क्षेत्र में भागीदारी के दीर्घकालिक लाभों की जानकारी प्रदान करेगा।
यह रोड शो हितधारकों के लिए एक शानदार प्लेटफॉर्म है, जहां वे नियामक ढांचे, सुव्यवस्थित मंजूरी प्रक्रियाओं और कोयला क्षेत्र में निवेशक-अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने के मंत्रालय के प्रयासों के बारे में जानकारी लेकर नेटवर्क बना सकते हैं और सीख सकते हैं। मंत्रालय यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोयला उद्योग वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बना रहे, जिससे भारत के ऊर्जा परिदृश्य में अवसरों का लाभ उठाने के इच्छुक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों निवेशकों के लिए बेहतर स्थितियां बनें। यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को प्रमुख निर्णयकर्ताओं से जुड़ने, भविष्य के कोयला क्षेत्र के रुझानों के बारे में मूल्यवान जानकारी प्राप्त करने तथा ऐसे सहयोगी उपक्रमों की खोज करने का विशेष अवसर प्रदान करता है, जो देश के ऊर्जा और खनन क्षेत्रों के भविष्य को आकार दे सकते हैं।
वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के प्रमुख सुधारों में कुछ प्रमुख बिंदु शामिल हैं। मसलन, अग्रिम राशि और निविदा सुरक्षा राशि में कमी, जिससे वित्तीय रूप से भागीदारी अधिक सुलभ हो जाएगी।आंशिक रूप से अन्वेषित ब्लॉकों के लिए कोयला खदान के हिस्से को छोड़ने की अनुमति, जिससे परिचालन में अधिक लचीलापन मिलेगा। भूमिगत कोयला खदानों के लिए निष्पादन सुरक्षा में छूट, भूमिगत खनन में निवेश को प्रोत्साहित करना। प्रवेश में कोई बाधा न होने से भागीदारी में आसानी होगी, जिससे अधिक समावेशी नीलामी प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। कोयला उपयोग में पूर्ण लचीलापन, जिससे कम्पनियां अपनी व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार किसी भी उद्देश्य के लिए कोयले का उपयोग कर सकेंगी। शीघ्र उत्पादन के लिए अनुकूलित भुगतान संरचना और प्रोत्साहन।
कोयला मंत्रालय का कहना है कि वह भारत के कोयला क्षेत्र में विकास, निवेश और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और एक सफल रोड शो की उम्मीद करता है। यह देश के कोयला उत्पादन में विकास, निवेश तथा सतत विकास और स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी के उपयोग, दक्षता एवं स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।


