
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग (Union Minister of Food Processing Industries, Chirag Paswan) ने आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और समावेशी खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के निर्माण के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता पर बल दिया। पासवान ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के चिंतन शिविर का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान की अध्यक्षता में राजस्थान के उदयपुर में दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 22 केंद्रीय मंत्रालयों, 27 राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, 30 से अधिक उद्योग सदस्यों, शैक्षणिक संस्थानों, एनआईएफटीईएम (senior representatives from 22 central ministries, 27 state governments and Union Territories, over 30 industry members)और इन्वेस्ट इंडिया के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर पासवान ने आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और समावेशी खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के निर्माण के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, जो किसानों की आय में वृद्धि करे, फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करे, मूल्यवर्धन को बढ़ावा दे, खाद्य सुरक्षा और पोषण को मजबूत करे और व्यापक स्तर पर- विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार सृजित करे।
चिंतन शिविर का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने कृषि-मूल्य शृंखलाओं को सुदढ़ करने, भारत के निर्यात विस्तार को बढ़ाने और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले, मूल्यवर्धित और टिकाऊ खाद्य उत्पादों के एक विश्वसनीय वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में देश की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण को एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में रेखांकित किया।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के मुताबिक इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण में प्रौद्योगिकीय प्रगति और स्टार्ट-अप ग्रांट चैलेंज के विजेताओं की सफलता गाथाओं को प्रदर्शित करने वाले विशेष लेख जारी किए गए, जो नवोन्मेषण और उद्यमिता पर मंत्रालय के फोकस को सुदृढ़ करते हैं।


