नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Minister of State for Corporate Affairs Nirmala Sitharaman)ने कहा है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों में दरों में फेरबदल से आम आदमी, किसानों, मध्यम वर्ग और एमएसएमई को राहत मिलेगी। इनमें कर दरों में कटौती और व्यवसायों के लिए अनुपालन बोझ को कम करना शामिल है। उन्होंने बताया कि नए जीएसटी सुधार आम आदमी, किसानों, मध्यम वर्ग, एमएसएमई को अधिक राहत प्रदान करेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में जीएसटी परिषद द्वारा क्षतिपूर्ति उपकर, स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा तथा दरों के युक्तिकरण पर राज्यों के मंत्री समूहों (जीओएम) को संबोधित कर रही थीं। इस बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, गोवा के मुख्यमंत्री, बिहार के उप-मुख्यमंत्री (Union Minister of State for Finance Pankaj Chaudhary, Chief Minister of Goa, Deputy Chief Minister of Bihar and Finance Ministers of the states) और तीनों जीओएम में शामिल राज्यों के वित्त मंत्री भी उपस्थित थे। सीतारमण ने राज्यों के मंत्रियों के समूहों के जीएसटी व्यवस्था में व्यापक सुधारों के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार का यह प्रस्ताव भारत के आत्मनिर्भर भारत बनने की यात्रा में जीएसटी सुधारों की अगली पीढ़ी की शुरुआत करने के दृष्टिकोण से है। वित्त मंत्री की जीएमओ के साथ बैठक में तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित प्रस्तावित सुधारों पर चर्चा हुई। ये सुधार इनपुट टैक्स क्रेडिट संचयन में कमी लाने और घरेलू मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने के लिए उल्टे शुल्क ढांचों को सही (These reforms will correct inverted duty structures to reduce input tax credit accumulation and promote domestic value addition) करेंगे। सरल अनुपालन और कम विवादों के लिए वर्गीकरण संबंधी मुद्दों का समाधान करेंगे और उद्योग के विश्वास और दीर्घकालिक योजना को मजबूत करने के लिए जीएसटी नीति में स्थिरता और पूर्वानुमेयता सुनिश्चित करेंगे।
बैठक में कहा गया कि दरों के युक्तिकरण का उद्देश्य आम आदमी, किसानों, मध्यम वर्ग और एमएसएमई को अधिक राहत प्रदान करना है। इसके साथ ही एक सरलीकृत, पारदर्शी और विकासोन्मुखी कर व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इससे सामर्थ्य में वृद्धि होगी, उपभोग को बढ़ावा मिलेगा और आवश्यक एवं आकांक्षी वस्तुओं को व्यापक जनसंख्या तक अधिक पहुंच प्राप्त होगी। इसके अलावा आगामी जीएसटी सुधार निर्बाध, तकनीक-चालित और समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित करेंगे, त्रुटियों और विसंगतियों को कम करने के लिए पहले से भरे हुए रिटर्न की शुरुआत करेंगे और तेज़, स्वचालित रिफंड को सक्षम करेंगे। इन सभी का उद्देश्य अनुपालन को सरल बनाना, व्यवसायों का समर्थन करना और जीवन और व्यापार करने में समग्र सुगमता को बढ़ाना है।


