
नयी दिल्ली : दिल्ली आबकारी नीति मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अनुरोध के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को उनसे पूछताछ टाल दी।
इससे पहले, सिसोदिया ने सीबीआई से अनुरोध किया था कि आबकारी नीति मामले में उनसे पूछताछ फरवरी के आखिरी हफ्ते तक टाल देनी चाहिए, क्योंकि वह दिल्ली के बजट को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं।
अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने पूछताछ टालने के सिसोदिया के आग्रह को स्वीकार कर लिया है और जल्द ही उन्हें नई तारीख दी जाएगी।
सिसोदिया ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा उनसे ‘‘बदला लेने’’ के लिए जांच एजेंसी का इस्तेमाल कर रही है और उन्हें आशंका है कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किये जाने के करीब तीन महीने बाद सिसोदिया को रविवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
दिल्ली सरकार के वित्त विभाग का भी प्रभार संभालने वाले सिसोदिया ने कहा कि वह एक सप्ताह बाद पूछताछ के लिए उपलब्ध हो पायेंगे।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने सीबीआई को पत्र लिखा है और फरवरी के आखिरी हफ्ते तक का समय मांगा है, क्योंकि मैं दिल्ली के बजट को अंतिम रूप दे रहा हूं और यह एक अहम वक्त है। मैंने उनसे कहा है कि मैं फरवरी के आखिरी हफ्ते के बाद आऊंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बतौर वित्त मंत्री बजट समय से पेश करना मेरा कर्तव्य है और मैं उसके लिए दिन-रात काम कर रहा हूं। मैंने सीबीआई से फरवरी के आखिरी सप्ताह के बाद प्रश्नों का उत्तर देने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।’’
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के महापौर के चुनाव की तारीख तय करने के लिए निगम की पहली बैठक बुलाने के वास्ते नोटिस जारी करने संबंधी उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए आम आदमी पार्टी के नेता सिसोदिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘पहले तो भाजपा चुनाव हार गयी और फिर शुक्रवार को उसे उच्चतम न्यायालय में भी मुंह की खानी पड़ी। इसलिए यह उसका बदला है।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘वह (भाजपा) बदला लेने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है। मुझे पक्का यकीन है कि वह मुझे गिरफ्तार करवाकर ऐसा करेगी।’’
सिसोदिया ने कहा, ‘‘मैंने तो हमेशा ही सीबीआई के साथ सहयोग किया है और इस बार भी सहयोग करने के लिए तैयार हूं, लेकिन मैं बस थोड़ा वक्त मांग रहा हूं, क्योंकि मैं बजट को अंतिम रूप दे रहा हूं। यदि मैं अभी (सीबीआई के पास) चला जाता हूं, तो बजट पर असर पड़ेगा, दिल्ली के लोग प्रभावित होंगे।’’
गिरफ्तार किये जाने से या जेल भेजे जाने से नहीं डरने का दावा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘बस बजट पूरा करने के लिए मैं समय चाहता हूं और मेरे पास सीबीआई के सभी प्रश्नों के उत्तर हैं।’’
इस बीच, जहां भाजपा की दिल्ली इकाई ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि सिसोदिया सीबीआई जांच से बचने के बहाने ढूंढ रहे हैं, वहीं, कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर उनके इस्तीफे की मांग की।
दिल्ली प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह वास्तव में आश्चर्य की बात है कि सिसोदिया लंबे समय से कह रहे हैं कि वह जांच के लिए तैयार हैं और शराब नीति में कोई घोटाला नहीं हुआ है, लेकिन जैसे ही सीबीआई ने उन्हें बुलाया, वह जांच से बचने के बहाने खोजने लगे।
कांग्रेस की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष अनिल कुमार ने सिसोदिया के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि अगर उपमुख्यमंत्री को एक सप्ताह का समय दिया गया तो वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।
आबकारी विभाग का भी कामकाज देख रहे सिसोदिया से इससे पहले पिछले साल 17 अक्टूबर को भी इस मामले में पूछताछ की गयी थी तथा उनके घर एवं बैंक लॉकर की तलाशी ली गयी थी।
सिसोदिया को आरोप पत्र में बतौर आरोपी नामजद किया गया है तथा उनके एवं अन्य संदिग्धों के खिलाफ जांच अभी जारी है।
यह आरोप है कि शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने की दिल्ली सरकार की आबकारी नीति में कुछ डीलर का पक्ष लिया गया, जिन्होंने इसके लिए कथित रूप से रिश्वत दी थी। इस आरोप का आम आदमी पार्टी ने लगातार खंडन किया है।


