
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) (Central Bureau of Investigation) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 15 साल से कानून की नजरों से बच रहे भगोड़े अपराधी संतोष कुमार (Santosh Kumar) को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के उस पुराने मामले में हुई है, जिसकी जांच 2008 से चल रही थी।
15 साल पुराना मामला
यह मामला 17 जून 2008 को दर्ज किया गया था, जिसमें बीएसएनएल (BSNL) रोहतक के तत्कालीन महाप्रबंधक चंद्रशेखर और संतोष कुमार सहित अन्य पर गंभीर आरोप थे। जांच के दौरान पता चला कि संतोष कुमार (Chandrashekhar, the then General Manager of BSNL, Rohtak, and Santosh Kumar) ने एलवीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का फर्जी निदेशक बनकर जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की थी। उसने तलाशी के दौरान बरामद 85 लाख रुपये पर अपना झूठा दावा पेश करने के लिए फर्जी दस्तावेज और रिकॉर्ड तैयार किए थे, ताकि मुख्य आरोपी अधिकारी को बचाया जा सके।
घोषित अपराधी और सीबीआई की कार्रवाई
सीबीआई द्वारा आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद भी संतोष कुमार अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके चलते मार्च 2011 में उसे घोषित अपराधी करार दिया गया था। वह लगातार अपनी पहचान छिपाकर गिरफ्तारी से बचता रहा, लेकिन हाल ही में सीबीआई ने तकनीकी निगरानी और जमीनी सत्यापन के जरिए उसकी लोकेशन दिल्ली में ट्रैक की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पंचकुला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया है।


