
नई दिल्ली : (New Delhi) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने गुरुवार को कहा कि यह बजट सत्र 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। देश अब लंबे समय से लंबित समस्याओं से बाहर निकलते हुए स्थायी और दीर्घकालिक समाधानों की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह “व्यवधान का नहीं, समाधान का काल है।”
बजट सत्र के आरंभ पर संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि दोनों सदनों में नागरिकों को सशक्त बनाने और भारत की विकास यात्रा को तेज़ करने पर सार्थक और सकारात्मक चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की पहचान “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” से बनी है और अब देश पूरी गति से “रिफॉर्म एक्सप्रेस” (reform express) पर सवार है।
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सांसदों की सकारात्मक ऊर्जा और सहयोग के कारण ही सुधारों की यह रफ्तार लगातार तेज हो रही है। उन्होंने कहा कि देश अब पेंडिंग समस्याओं के दौर से आगे निकलकर लंबे समय के मज़बूत समाधानों के रास्ते पर अग्रसर है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रपति का उद्बोधन 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास और पुरुषार्थ की सशक्त अभिव्यक्ति था। उन्होंने कहा कि यह संबोधन विशेष रूप से देश के युवाओं की आकांक्षाओं को बहुत सटीक तरीके से रेखांकित करता है। साथ ही, राष्ट्रपति द्वारा सांसदों के लिए रखे गए मार्गदर्शक विचारों को सभी जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता से लिया होगा, ऐसा उन्हें पूरा विश्वास है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का पहला चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है और अब दूसरे क्वार्टर की शुरुआत हो रही है। यह वह 25 वर्षों का निर्णायक कालखंड है, जिसमें 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि यह बजट इस सदी के दूसरे क्वार्टर का पहला बजट है और इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि यह नया कालखंड बहुत ही सकारात्मक माहौल में शुरू हुआ है। एक आत्मविश्वासी भारत आज दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है और वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन गया है। उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (Free Trade Agreement) को इस सकारात्मक शुरुआत का बड़ा उदाहरण बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता भारत के युवाओं, किसानों, मैन्युफैक्चरर्स और सर्विस सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर खोलेगा। उन्होंने इसे एक आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और प्रोडक्टिव भारत की दिशा में बड़ा कदम बताया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला वित्तमंत्री हैं, जो लगातार नौवीं बार संसद में बजट प्रस्तुत करने जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने इसे भारत के संसदीय इतिहास में गर्व का क्षण बताया।


