
नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) (BJP) ने पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में पुल गिरने समेत अन्य हादसों के लिए ममता सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा ने इन हादसों के लिए राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसकी जांच एसआईटी से कराने की मांग की है।
भाजपा प्रवक्ता डॉ. गुरुप्रकाश पासवान (BJP spokesperson Dr. Guruprakash Paswan) ने शनिवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून का कोई शासन नहीं है और दिन-प्रतिदिन जो घटनाएं वहां घटित हो रही हैं, उससे ये बातें सिद्ध हो रही हैं। कूचबिहार के सितलकुची में बना यह पुल ममता शासन में पनपी ‘कट मनी’ संस्कृति का भयावह प्रतीक है। सार्वजनिक धन की लूट, घटिया निर्माण, शून्य जवाबदेही और आम आदमी को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह विकास नहीं है। यह भ्रष्टाचार से उपजा हुआ पतन है। आगामी चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता ममता सरकार (Mamata government) को उखाड़ फेंकेगी।
उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 में ही पश्चिम बंगाल में 5 फैक्ट्रियों में आग लगने की विभत्स घटनाएं सामने आई हैं, जहां काफी लोग हताहत हुए और गरीब लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कुछ दिन ही पहले ही कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) कहा था कि राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कुप्रशासन का एक और उदाहरण सामने आया है। ममता सरकार के तहत बनाए जा रहे पुल अब ‘हाइवे टू हेल’ बनते जा रहे हैं। कूचबिहार के सितलकुची में बना यह पुल ममता बनर्जी के शासन में पनपी ‘कट मनी’ संस्कृति का भयावह प्रतीक है। डॉ. पासवान ने कहा कि आनंदपुर में वाओ मोमो की फैक्टरी में आग लगने से अभी तक 27 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। ये घटना कोलकाता के सत्ता के केंद्र से मात्र 7 किमी दूर हुई, 27 लोगों की हत्या हुई और काफी लोग लापता हैं लेकिन सरकार का कोई भी प्रतिनिधि या ममता बनर्जी वहां अभी तक नहीं गईं। ये असंवेदनशीलता की पराकष्ठा है।
उन्होंने कहा कि वॉव मोमो मामले का एक पहलू यह है कि जब ममता बनर्जी मैड्रिड गई थीं, तब वॉव मोमो के सीईओ सागर दर्यानी (Momo CEO Sagar Daryani) भी उनके साथ विदेश यात्रा पर थे। 27 लोगों की मौत हो जाने के बावजूद अब तक वॉव मोमो के मालिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की हुई है। अब तक सामने आई जानकारी से संकेत मिलता है कि यह एक मानव-निर्मित घटना थी।


