आंध्र प्रदेश के पर्वतारोही ने चो ओयू शिखर पर पहुंचकर भारतीय पर्वतारोहण में दर्ज की ऐतिहासिक उपलब्धि
नई दिल्ली : (New Delhi) भारत के पर्वतारोहण इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। आंध्र प्रदेश के कर्नूल के रहने वाले 36 वर्षीय पर्वतारोही भरथ थम्मिनेनी (Bharath Thammineni, a 36-year-old mountaineer) ने दुनिया की 8,000 मीटर से ऊंची नौ चोटियों पर चढ़ाई कर एक असाधारण उपलब्धि हासिल की है। सोमवार सुबह चीन के समयानुसार 6:55 बजे भरथ ने विश्व की छठी सबसे ऊंची चोटी चो ओयू (8,188 मीटर) के शिखर पर पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की है।
भरथ थम्मिनेनी भारत की अग्रणी पर्वतारोहण संस्था बूट्स एंड क्रैम्पंस के संस्थापक (Bharath Thammineni is the founder of Boots & Crampons) हैं। उन्होंने अब तक दुनिया की 14 (8,000 मीटर से ऊंची) पर्वत चोटियों में से नौ पर सफलता प्राप्त की है। नेपाल की संस्था क्लाइम्बालया के सहयोग से यह चढ़ाई उन्होंने स्व-समर्थित अभियान के रूप में पूरी की है, जिसकी सफलता के साथ वे भारत के सबसे सफल पर्वतारोहियों में शुमार हो गए हैं।
इस उपलब्धि को हासिल करने पर भरथ ने एक बयान में कहा, “यह चढ़ाई सिर्फ मेरी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि हर उस भारतीय पर्वतारोही को समर्पित है जो दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों को छूने का सपना देखता है। मैं यह उपलब्धि अपने परिवार, दोस्तों, बूट्स एंड क्रैम्पंस की टीम और भारत की उस अदम्य भावना को समर्पित करता हूं जो हर बार मुझे नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की प्रेरणा देती है।”
भरथ थम्मिनेनी पिछले एक दशक से पर्वतारोहण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने न केवल 6 महाद्वीपों में अभियानों का नेतृत्व किया है, बल्कि युवाओं को पर्वतारोहण के प्रति प्रेरित भी किया है। उनके नेतृत्व में एवरेस्ट 2025 अभियान के दौरान कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज हुईं, जिनमें अंग्मो का विश्व की पहली नेत्रहीन महिला के रूप में माउंट एवरेस्ट पर (Angmo becoming the world’s first blind woman to reach Mount Everest) पहुंचना और कार्तिकेय का सबसे कम उम्र के भारतीय के रूप में सेवन समिट्स चुनौती पूरी करना (Kartikeya becoming the youngest Indian to complete the Seven Summits challenge) शामिल है।
भरथ थम्मिनेनी की 8,000 मीटर से ऊंची नौ चोटियों पर चढ़ाई :
- माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) – मई 2017
- मानसलू (8,163 मीटर) – सितंबर 2018
- ल्होत्से (8,516 मीटर) – मई 2019
- अन्नपूर्णा I (8,091 मीटर) – मार्च 2022
- कंचनजंगा (8,586 मीटर) – अप्रैल 2022
- मकालू (8,485 मीटर) – मई 2023
- शिशपांगमा (8,027 मीटर) – अक्टूबर 2024
- धौलागिरी (8,167 मीटर) – अप्रैल 2025
- चो ओयू (8,188 मीटर) – अक्टूबर 2025
इन नौ शिखरों को फतह कर भरथ थम्मिनेनी ने भारतीय पर्वतारोहण को नई ऊंचाई पर पहुंचाकर भारत का नाम रोशन किया है।


