
नई दिल्ली : पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी PFI पर प्रतिबंध जारी रहेगा। कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को PFI पर केंद्र सरकार के प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच मामले की सुनवाई की। 28 नवंबर को कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। PFI के प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन पर लगाए गए बैन को चुनौती दी थी। फिलहाल पाशा न्यायिक हिरासत में है।
देश की सुरक्षा के लिए खतरा है PFI: केंद्र
केंद्र सरकार ने 28 सितंबर को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी PFI को 5 साल के लिए बैन कर दिया था। PFI के अलावा 8 और संगठनों पर कार्रवाई की गई। गृह मंत्रालय ने इन संगठनों को बैन करने का नोटिफिकेशन जारी किया। इन सभी के खिलाफ टेरर लिंक के सबूत मिले थे। केंद्र सरकार ने यह एक्शन (अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट) UAPA के तहत लिया। सरकार ने कहा, PFI और उससे जुड़े संगठनों की गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।


