
नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और समुद्री नाकाबंदी के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, बड़ा गैस वाहक पोत ‘ग्रीन सान्वी’ (‘Green Sanvi’) शुक्रवार रात सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz)पार कर गया। यह पोत 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है, जो ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले 28 मार्च को ‘एमटी जग वसंत’ (‘MT Jag Vasant’) नामक पोत 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के जामनगर स्थित वाडिनार बंदरगाह पहुंच चुका है। युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप है, ऐसे में भारतीय पोतों का सुरक्षित निकलना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
नौसेना अलर्ट, सरकार की कूटनीतिक कोशिशें जारी
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय नौसेना के युद्धपोत किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए स्टैंडबाय पर तैनात हैं। केंद्र सरकार ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग मिल सके। शिपिंग मंत्रालय (Ministry of Shipping) के अनुसार, फारस की खाड़ी में फिलहाल 18 भारतीय जहाज और करीब 485 नाविक मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है। अब तक 964 नाविकों को वापस लाया जा चुका है, जबकि खाड़ी क्षेत्र से लगभग 5.98 लाख यात्री भारत लौट चुके हैं।


