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New Delhi : चौबीस मार्च को खुलेगा अमीर चंद जगदीश कुमार का पब्लिक इश्यू

नई दिल्ली : (New Delhi) एयरोप्लेन ब्रैंडनेम से बासमती चावल का निर्यात करने वाली कंपनी अमीर चंद जगदीश कुमार (Amir Chand Jagdish Kumar) ने अपने आईपीओ की लॉन्चिंग का ऐलान कर दिया है। कंपनी का 440 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 मार्च को खुलेगा। इस आईपीओ में निवेशक 27 मार्च तक बोली लगा सकेंगे। वहीं एंकर इन्वेस्टर्स इस आईपीओ में 23 मार्च को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 30 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि एक अप्रैल को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर दो अप्रैल को बीएसई और एनएसई (BSE and NSE) पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 201 रुपये से लेकर 212 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 70 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 70 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,840 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर्स 1,92,920 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 910 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,07,54,716 नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (QIBs) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (Non-Institutional Investors) (NIIs) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Draft Red Herring Prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 17.50 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 30.41 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 60.82 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 48.65 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 1,317.86 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1,551.42 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2,004.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 1,024.30 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 667.53 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 777.62 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 784.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 739.74 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 280.84 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 311.48 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 379.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 440.89 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) 2022-23 में 79.69 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 109.66 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 163.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 105.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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