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New Delhi : अंबानी परिवार देश का सबसे अमीर कारोबारी घराना, अडाणी परिवार दूसरे स्थान परः रिपोर्ट

नई दिल्‍ली : (New Delhi) देश के अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाला अंबानी परिवार 28 लाख करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ सबसे समृद्ध कारोबारी घराना है, जबकि अडाणी परिवार 14.01 लाख करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ दूसरे स्थान (country’s billionaire industrialist Mukesh Ambani is the richest business house with a total wealth of Rs 28 lakh crore, while the Adani family is in second place with a total wealth of Rs 14.01 lakh crore) पर है।

शोध एवं रैंकिंग फर्म हुरुन (Research and ranking firm Hurun) ने मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। हुरुन की ओर से बार्कलेज के सहयोग से तैयार इस रिपोर्ट के मुताबिक अंबानी परिवार के पास 28 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। यह अडाणी परिवार की 14.01 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति से दोगुनी से भी अधिक है। हुरुन ने कारोबारी घरानों की संपत्ति में पिछले एक साल में आए बदलाव पर यह रिपोर्ट बार्कलेज के साथ मिलकर तैयार की है।

इस रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि देश के 300 सबसे मूल्यवान भारतीय परिवारों के पास 1.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (300 most valuable Indian families in the country have assets worth more than US $ 1.6 trillion) (140 लाख करोड़ रुपये) से ज्‍यादा की संपत्ति है। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 40 फीसदी से भी अधिक है। वहीं, अकेले अंबानी परिवार की संपत्ति देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 12 फीसदी है।

हुरुन-बार्कलेज की रिपोर्ट के मुताबिक अंबानी परिवार की संपत्ति में पिछले वर्ष 10 फीसदी की वृद्धि हुई। इससे यह देश में सबसे मूल्यवान पारिवारिक व्यवसाय के रूप में अपनी रैंकिंग बरकरार रखने में सफल रहा है। वहीं, अडाणी समूह पहली पीढ़ी के उद्यमी की ओर से शुरू किया गया देश का सबसे मूल्यवान व्यवसाय है। इसके साथ ही कुमार मंगलम बिड़ला के परिवार की दौलत में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है, जिसकी बदौलत यह घराना अब तीसरे नंबर पर आ गया है। बिरला परिवार के पास अब 6.47 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। वहीं, जिंदल परिवार कुल 5.70 लाख करोड़ रुपये की दौलत के साथ चौथे नंबर पर पहुंच गया है। जिंदल परिवार की दौलत पिछले एक साल में 21 फीसदी बढ़ी है। बजाज परिवार की दौलत 21 फीसदी की गिरावट के साथ 5.64 लाख करोड़ रुपये रह गई और वे एक पायदान नीचे खिसककर पांचवे नंबर पर आ गए हैं।

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