नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट (Delhi’s Patiala House Court) ने गुरुवार काे लाल किला ब्लास्ट मामले (Red Fort blast case) में गिरफ्तार चारों आरोपितों को 10 दिनों के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए)(National Investigation Agency) की हिरासत में भेज दिया है। एनआईए ने आज इन सभी को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था। इस मामले में अब तक एनआईए ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है और सभी एनआईए की हिरासत में पहुंच गए हैं।
एनआईए ने पुलवामा के डॉ. मुजम्मिल शकील गनई, जम्मू-कश्मीर के डॉ. आदिल अहमद रतहर, लखनऊ की डॉ. शाहीन सईद और जम्मू-कश्मीर के मुफ्ती इरफान वागे (Dr. Muzammil Shakeel Ganai of Pulwama, Dr. Adil Ahmed Rathar of Jammu and Kashmir, Dr. Shaheen Saeed of Lucknow, and Mufti Irfan Wagay of Jammu and Kashmir) को औपचारिक रूप से गिरफ्तार करके पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। इससे पहले एनआईए ने आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी के सहयोगी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को श्रीनगर से गिरफ्तार किया था, जिसे भी 10 दिनों की एनआईए हिरासत में भेजा गया है।इसके पहले 16 नवंबर को गिरफ्तार किये गए आमिर रशीद अली को भी दस दिनों की एनआईए हिरासत में भेजा गया था।
एनआईए के मुताबिक दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट तैयार करने की कोशिश की। एनआईए के मुताबिक दानिश ने उमर उन नबी के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। राजनीति विज्ञान में स्नातक दानिश को आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए उमर ने ब्रेनवाश किया। वह अक्टूबर, 2024 में कुलगाम की एक मस्जिद में डॉक्टर मॉड्यूल से मिलने को तैयार हुआ, जहां से उसे हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह विश्वविद्यालय (Al Falah University in Faridabad, Haryana) में रहने के लिए ले जाया गया। दानिश को पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिरासत में लिया था और पूछताछ में उसने खुलासा किया था कि मॉड्यूल के अन्य लोग उसे प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद के लिए ओवर-ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) बनाना चाहते थे, जबकि उमर कई माह से उसका ब्रेनवॉश कर आत्मघाती हमलावर बनने के लिए तैयार कर रहा था।
एनआईए के मुताबिक उमर की यह कोशिश इस साल अप्रैल में उस समय नाकाम हो गई, जब दानिश ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति और इस्लाम में आत्महत्या को गलत मानने का हवाला देते हुए इससे इनकार कर दिया था। इससे पहले एनआईए ने आमिर रशीद अली को एनआईए ने 16 नवंबर को गिरफ्तार किया था। लालकिला पर ब्लास्ट के मामले में एनआईए की ओर से आमिर की पहली गिरफ्तारी थी। आमिर रशीद अली पर आरोप है कि उसने मुख्य आरोपित उमर को कार लाने में मदद की।
लाल किला के पास 10 नवंबर को आई-10 कार में ब्लास्ट हुआ था। ये कार आमिर रशीद अली के नाम पर (an i-10 car, registered in Aamir Rashid Ali’s name, exploded near the Red Fort) थी। इस ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हाे गई थी और 32 घायल हो गए थे।


