
नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय लंबी दूरी की धाविका पूजा आत्माराम (Indian long-distance runner Pooja Atmaram) पर एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (Athletics Integrity Unit) (AIU) ने डोप टेस्ट से बचने के मामले में तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। एआईयू ने अपने विस्तृत फैसले में घटना का पूरा क्रम बताते हुए कहा कि खिलाड़ी ने परीक्षण की औपचारिक सूचना मिलने के बाद सैंपल देने से इनकार किया और चैपरॉन से बचकर भीड़ में भाग गईं।
एआईयू के बयान के अनुसार, “एथलीट को रेस समाप्त होते ही डोपिंग कंट्रोल अधिकारी द्वारा मौखिक रूप से परीक्षण के लिए सूचित किया गया था, लेकिन उन्होंने डोपिंग कंट्रोल फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बाद उन्हें चैपरॉन के साथ डोपिंग कंट्रोल स्टेशन (doping control station) ले जाया जा रहा था, तभी वह अचानक विपरीत दिशा में भाग गईं और भीड़ में गायब हो गईं।”
एआईयू ने आगे कहा, “चैपरॉन ने उनका पीछा किया, लेकिन भीड़ के कारण वह नजरों से ओझल हो गईं। इसके बाद डोपिंग कंट्रोल अधिकारी और रेस डायरेक्टर ने फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अंततः खिलाड़ी का सैंपल एकत्र नहीं किया जा सका।”
30 वर्षीय पूजा आत्माराम (30-year-old Pooja Atmaram) मुख्य रूप से 5000 मीटर और 10,000 मीटर स्पर्धाओं में हिस्सा लेती हैं। 23 नवंबर, 2025 को मुंबई में आयोजित इंडियन ऑयल डब्ल्यूएनसी नेवी हाफ मैराथन जीतने के बाद उन्हें डोप टेस्ट के लिए चुना गया था।
3 फरवरी, 2026 को उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई। 9 फरवरी को पूजा आत्माराम ने एआईयू को लिखित माफी भेजी और 17 फरवरी को एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन स्वीकार करते हुए परिणामों को मानने का फॉर्म जमा किया।
प्रारंभ में चार साल का प्रतिबंध प्रस्तावित था, लेकिन गलती स्वीकार करने और सहयोग करने के कारण एआईयू ने एक वर्ष की छूट देते हुए तीन साल का प्रतिबंध लगाया। यह निलंबन 3 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा। साथ ही, 23 नवंबर 2025 और उसके बाद के उनके सभी परिणाम रद्द कर दिए गए हैं।


