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New Delhi : स्टॉक मार्केट में एडवांस एग्रोलाइफ की मजबूत शुरुआत, फायदे में आईपीओ निवेशक

नई दिल्ली : (New Delhi) एग्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स (agrochemical products) बनाने और बी2बी बेसिस पर सीधे कॉरपोरेट ग्राहकों को खाद और कीटनाशक बेचने वाली कंपनी एडवांस एग्रोलाइफ के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 100 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 13 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 113 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 14 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 114 रुपये के स्तर पर हुई। हालांकि लिस्टिंग के बाद बिकवाली शुरू हो जाने के कारण इस शेयर की चाल में थोड़ी गिरावट भी आ गई। सुबह 10:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 109 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 9 प्रतिशत का मुनाफा हो चुका है।

एडवांस एग्रोलाइफ (Advance Agrolife) का 392.86 करोड़ रुपये का आईपीओ 30 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 56.90 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (qualified institutional buyers) (QIBs) के लिए रिजर्व पोर्शन 27.31 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (non-institutional investors) (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में 175.30 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 23.14 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व पोर्शन 38.42 गुना सब्सक्राइब हुए थे। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 1,92,85,720 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 14.87 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 24.73 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 25.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की आय 12 प्रतिशत वार्षिक से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ कर 502.88 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।

इस दौरान कंपनी पर कर्ज लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के आखिर में कंपनी का कर्ज 25.29 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिर में बढ़ कर 45.46 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह वित्त वर्ष 2024-25 के आखिर में कंपनी का कर्ज उछल कर 80.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस (company’s reserves and surplus) की बात करें तो वित्त वर्ष 2022-23 के आखिरी में ये 46.10 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिरी में बढ़ कर 70.76 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 के आखिरी में थोड़ा घट कर 55.87 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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