नई दिल्ली : (New Delhi) वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) (Goods and Services Tax) परिषद की 56वीं बैठक 3-4 सितंबर को नई दिल्ली में होगी। इस दौरान जीएसटी के मौजूदा 4 स्लैब को घटाकर 2 पर लाने के प्रस्ताव पर फैसला लिये जाने की संभावना है।
जीएसटी परिषद सचिवालय (The GST Council Secretariat) ने शनिवार को एक बयान कहा कि जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक 3-4 सितंबर, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित की गयी है। इस बैठक में केंद्र के अलावा सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्री भी शामिल होंगे। जीएसटी परिषद के पदेन सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने एक आधिकारिक (GST Council ex-officio Secretary Arvind Srivastava) ज्ञापन में कहा है कि अधोहस्ताक्षरी को उपरोक्त विषय का उल्लेख करने और यह बताने का निर्देश दिया गया है कि जीएसटी परिषद की बैठक के लिए स्थल और एजेंडा मदों का विवरण समय पर सूचित किया जाएगा।
जीएसटी परिषद की बैठक की घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi’s) द्वारा लाल किले के प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान की गई घोषणा के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि लोगों को दीपावली पर एक बहुत बड़ा उपहार मिलने वाला है। सरकार ने “जीएसटी में एक बड़ा सुधार” शुरू किया है। इससे पहले वित्त मंत्री की अध्यक्षता में नई दिल्ली में मंत्री स्तरीय समूहों (जीओएम) की बैठक में केंद्र सरकार ने तत्कालीन 12 फीसदी और 28 फीसदी जीएसटी दरों को समाप्त करने तथा सिर्फ 5 फीसदी और 18 फीसदी जीएसटी दरों को बरकरार रखने का प्रस्ताव रखा था। मंत्री समूहों ने इसी हफ्ते जीएसटी की टैक्स स्लैब में बदलाव के केंद्र के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति जताई थी। जीओएम के संयोजक सम्राट चौधरी ने इसकी पुष्टि की थी।
जीओएम के इस पहल के तहत 12 फीसदी स्लैब में से 99 फीसदी वस्तुओं को 5 फीसदी स्लैब में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है, तथा 28 फीसदी स्लैब में से 90 फीसदी वस्तुओं को 18 फीसदी स्लैब में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा गया है। 28 प्रतिशत की दर वाले उपभोक्ता वस्तुओं को 18 फीसदी दर वाले स्लैब में डालने का प्रस्ताव है। तंबाकू और पान मसाला जैसी “हानिकारक वस्तुओं” (“harmful goods”)के लिए 40 फीसदी की नई दर प्रस्तावित है।उल्लेखनीय है कि जीएसटी परिषद एक संवैधानिक निकाय है जो जीएसटी के कार्यान्वयन से संबंधित मुद्दों पर सिफारिशें करने के लिए जिम्मेदार है।


