नई दिल्ली : दक्षिण पश्चिमी जिले के रंगपुरी पहाड़ी में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह कुत्तों के झुंड ने एक 13 साल के बच्चे को हमला कर जख्मी कर दिया। गनीमत यह रही कि कुत्तों के बच्चे पर हमला करने के दौरान ही उसके परिवार वाले मौके पर पहुंचे और बच्चे को बचा लिया। फिलहाल बच्चे का इलाज किया जा रहा है और उसकी हालत स्थिर है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास के जंगल में सैकड़ों खूंखार कुत्ते रहते हैं, लेकिन एमसीडी के अधिकारी इन कुत्तों को न तो यहां से हटाते हैं और न ही कोई ऐसा इंतजाम करते हैं, जिससे कुत्ते बच्चों पर हमला न करें।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि रंगपुरी पहाड़ी में मकसूद परिवार के साथ रहते हैं। घर में पत्नी शबीना बीवी के अलावा उनके चार बच्चे हैं। उनका सबसे बड़ा बेटा 13 वर्षीय सिराजुद्दीन सोमवार सुबह करीब 7.30 बजे घर के पास स्थित दुकान से सामान लेने जा रहा था। इसी बीच घर से कुछ कदम की दूरी पर करीब 8-10 कुत्तों ने उसे घेर लिया और नोंचने लगे।
बच्चे की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे बचाया। वहीं सिराजुद्दीन के घर वाले भी मौके पर पहुंचे। लोगों ने देखा कि कुत्तों ने बच्चे को घेर रखा था। इस घटना में सिराजुद्दीन की गर्दन, पीठ, हाथ, पैर और पेट पर करीब दर्जनभर निशान मिले हैं। घटना के बाद घरवालों ने उसे अस्पताल पहुंचाया और उपचार कराने के बाद घर ले गए।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने इसी जगह पर कुत्तों के हमले के कारण दो बच्चों की मौत हो गई थी। ये दोनों बच्चे सगे भाई थे। हालांकि उस समय ऐसी आशंका जताई गई थी कि बच्चों की हत्या की गई है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो गया था कि बच्चों की मौत, कुत्तों के काटने से ही हुई है। लोगों के मन से इस घटना की दहशत दूर भी नहीं हुई थी कि एक और घटना सामने आ गई।


