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Nepal : सांसदों के गैर हाजिर होने से दल विभाजन संबंधी विधेयक नहीं हो पाया पारित

काठमांडू : (Kathmandu) नेपाल की संसद में सरकार की तरफ से पटल पर रखे गए राजनीतिक दल विभाजन संबंधी विधेयक सांसदों की अनुपस्थिति के कारण लटक गया है। सदन में गणपूरक संख्या के लिए आवश्यक न्यूनतम संख्या में भी सांसदों की उपस्थिति नहीं होने के कारण विधेयक आज पारित नहीं हो पाया।

प्रतिनिधि सभा में आज सरकार की तरफ से सूचना तथा संचार मंत्री रेखा शर्मा ने राजनीतिक दल विभाजन संबंधी विधेयक को सदन के पटल पर रखा। थोड़ी देर तक इस पर चर्चा भी हुई लेकिन विधेयक पर मतदान के समय विपक्षी दलों के सांसद ने नियमापत्ति करते हुए गणपूरक संख्या की भी उपस्थिति नहीं होने के कारण मत विभाजन का विरोध किया। जिस समय इस विधेयक पर मतदान होना था, उस समय सदन में सांसदों की उपस्थिति सिर्फ 63 ही थी। नियमानुसार गणपूरक संख्या पहुंचाने के लिए कम से कम 69 सांसदों की उपस्थिति अनिवार्य होती है।

275 सांसदों के निचले सदन में सत्तारूढ़ दल की उपस्थिति बहुत ही न्यून थी। संसद के सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस के अधिकांश सांसद पार्टी की महासमिति बैठक में व्यस्त हैं। इसी तरह सत्ता का नेतृत्व कर रहे माओवादी पार्टी के सभी बड़े नेता पार्टी की स्थाई समिति की बैठक में सहभागी होने के कारण संसद से गैर हाजिर रहे। उधर प्रमुख विपक्षी दल नेकपा एमाले पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की बैठक जारी होने से उस पार्टी के भी अधिकांश सांसद पार्टी बैठक में ही रहे।

प्रतिनिधि सभा के स्पीकर ने गणपूरक संख्या पहुंचाने के लिए कई बार बेल भी बजाई लेकिन संख्या नहीं पहुंच पाने के कारण अन्तत: सदन की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। स्पीकर देवराज घिमिरे ने इसे दुखद बताया है। उन्होंने सरकार को निर्देशित किया कि कम से कम सरकार द्वारा कोई महत्वपूर्ण विधेयक यदि लाया जा रहा है तो अपने सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित कराए। स्पीकर ने संसद में मंत्रियों के गैर हाजिर होने पर भी नाराजगी जताई है।

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