नवी मुंबई: (Navi Mumbai) उरण के आदिवासी क्षेत्रों में एक शिक्षक बच्चों के साथ उनके अभिभावकों में भी शिक्षा का दीप जला रहा हैं। महादेव डोईफोडे पिछले कई वर्षों से उरण के आदिवासी आश्रम विद्यालय में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को सिखाते-सिखाते यह ध्यान में आया कि भले ही बच्चे पढ़ रहे हों, लेकिन उनके अभिभावक शिक्षित न होने के कारण उनकी आगे की शिक्षा कम हो जाती है, जिससे स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद भी कई बच्चे ज्यादा आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। अभिभावकों में शिक्षा का अभाव होने के कारण वो बच्चों पर ज्यादा ध्यान भी नहीं दे पा रहे थे। कई बार इन अभिभावकों के साथ लोग धोखाधड़ी करके भी चले जाते थे और उन्हें पता ही नहीं चल पाता था। बाद में उन्हें समझ में आता था की संबंधित व्यक्ति हमें बेवकूफ बना कर चला गया है। ऐसी अनेक समस्याओं से उन्हे बचाने के लिए हमने नियमित कक्षाओं के बाद और छुट्टी के दिन अभिभावकों के लिए कक्षाएं शुरू की हैं, जिससे अभिभावक सीखकर न केवल खुद जागरूक बनेंगे बल्कि अपने बच्चों के विकास में भी योगदान देंगे। शिक्षा से जागरूकता आएगी तो इन्हे कोई जल्दी धोखा देकर भी नहीं जा पाएगा। अब तक करीब 50 अभिभावकों ने इस कक्षा में सहभाग लेने के लिए प्रवेश लिया है। जिन्हें शिक्षक ने सिखाना भी शुरू कर दिया है।


