
नवी मुंबई: सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CIDCO) ने नवी मुंबई (Navi Mumbai) परिसर में मेट्रो (Navi Mumbai Metro) रेल की बजाय मेट्रो नियो (Metro Neo) चलाने की योजना बनाई है। उल्लेखनीय है कि नवी मुंबई में मेट्रो-1 का काम लगभग पूरा हो चुका है। मानक गेज मेट्रो के बजाय मेट्रो नियो 2.0 नामक परिवहन के अत्याधुनिक मोड के तहत नवी मुंबई मेट्रो लाइन 2, 3 और 4 के निर्माण का प्रस्ताव है। सिडको के निदेशक मंडल (बीओडी) ने मेट्रो नियो 2.0 इन लाइनों के लिए प्रस्तावित मार्गों को लेकर एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी को कंसल्टेंट के रूप में नियुक्त किया है। इस कंसल्टेंसी के लिए लगभग 1 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बताया गया कि यूएमटीसी ने मॉडल, संरेखण और स्टेशन आदि स्थानों अध्ययन किया है। डीपीआर का मसौदा अप्रैल, 2023 के अंत तक प्राप्त होने की उम्मीद है।
तलोजा को जोड़ेगी मेट्रो-2
नवी मुंबई मेट्रो लाइन 2 एमआईडीसी तलोजा को 6 एलिवेटेड स्टेशनों के साथ खांदेश्वर से जोड़ेगी। इसकी लंबाई 7.12 किमी होगी। लाइन-3 पेंढार को एमआईडीसी तलोजा (3.87 किमी) से 3 एलिवेटेड स्टेशनों के साथ जोड़ेगी, जबकि लाइन-4 नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को पनवेल (4.17 किमी) से जोड़ेगी। कल्याण से तलोजा तक मेट्रो को जोड़ने का काम एमएमआरडीए के माध्यम से हो रहा है।
क्या है मेट्रो नियो
मेट्रो नियो 2.0 एक रबर टायर बाई-आर्टिकुलेटेड इलेक्ट्रिक ट्रॉली-बस है, जो ओवरहेड ट्रैक्शन सिस्टम द्वारा संचालित होगी। मेट्रो रेल की बजाय इसका खर्च काफी कम होता है। कम दूरी के लिए यह ज्यादा गतिशील है। आराम, सुविधा और पर्यावरण दृष्टि से भी पारंपरिक मेट्रो रेल प्रणाली की की तुलना में इसे बेहतर परिवहन का साधन माना जाता है।


