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NAVI MUMBAI : नवी मुंबई में 14332 रेहड़ी-पटरी वालों को ऋण स्वीकृत

पीएम स्वनिधि के तहत किया गया ऋण वितरण

नवी मुंबई नगर निगम का अच्छा रहा कार्य

नवी मुंबई : केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर योजना (पीएम स्वनिधि) के तहत ऋण वितरण में नवी मुंबई नगर निगम का कार्य अच्छा रहा है और विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से 14332 रेहड़ी-पटरी वालों को ऋण स्वीकृत किया गया है। नगर आयुक्त अभिजीत बांगड़ की लगातार समीक्षा एवं बैंकों की विशेष बैठक कर उन्हें दिये गये निर्देशानुसार ऋण स्वीकृत करने की यह प्रक्रिया तेजी से की गयी।नवी मुंबई नगर निगम के 8 मंडल कार्यालय क्षेत्र में 22038 फुटपाथ विक्रेताओं के आवेदन बड़ी संख्या में भरे गए हैं और उनमें से 14332 फुटपाथ विक्रेताओं को ऋण के लिए स्वीकृत किया गया है। यानी सरकार द्वारा दिए गए लक्ष्य का 110 फीसदी हासिल किया जा चुका है।
संजय काकड़े ने कार्य प्रणाली को ठीक से नियंत्रित किया
इसमें आयुक्त अपर आयुक्त के मार्गदर्शन में संजय काकड़े ने कार्य प्रणाली को ठीक से नियंत्रित किया है और सामाजिक विकास विभाग के उपायुक्त श्री दादासाहेब चाबुकेश्वर ने योजना के कार्यान्वयन पर कड़ा ध्यान दिया है। समाज विकास अधिकारी मो. सर्जेराव परांडे सहित सभी आठ मंडलों के सहायक आयुक्त एवं प्रमंडलीय पदाधिकारियों ने सामाजिक कार्यकर्ताओं, समूह संगठकों एवं अपने संभाग कार्यालय के कर्मचारियों के सहयोग से अथक प्रयास कर लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन किया है।प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर योजना के तहत अधिक से अधिक फुटपाथ विक्रेता इस योजना का लाभ उठा सकें, सामाजिक विकास विभाग ने विभागीय कार्यालयों के सहयोग से योजना बनाकर हितग्राहियों तक पहुंचने का हर संभव प्रयास किया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि लक्ष्य का 110 प्रतिशत हासिल कर लिया गया है और इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया के राष्ट्रीयकृत बैंकों ने ऋण वितरण में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
समाज विकास विभाग के माध्यम से जनजागरूकता का कार्य जारी
इस योजना के तहत पहले किश्त में : 10000/- रुपए का ऋण दिया जाता है और इसकी नियमित पूर्ण चुकौती के बाद 18 महीने के लिए 20000/- रुपए का वेतन-दिवस ऋण दिया जाता है। साथ ही 50000/- रुपए का तीसरा ऋण निर्धारित अवधि में चुकाने के बाद 36 माह के लिए दिया जाता है। कार्यालय क्षेत्र में जिन क्षेत्रों में आवेदन कम हैं वहां समाज विकास विभाग के माध्यम से जनजागरूकता का कार्य जारी रखा जायेगा तथा इस योजना का लाभ अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को मिले इसके सतत प्रयास किये जायेंगे।

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