
नैनीताल : (Nainital) उत्तराखंड उच्च न्यायालय (Uttarakhand High Court) को प्राप्त एक कथित धमकी भरे ईमेल के बाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक (कुमाऊं) रिद्धिम अग्रवाल (Inspector General of Police (Kumaon) Riddhim Agarwal) स्वयं न्यायालय परिसर पहुंचीं और हालात का निरीक्षण किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सूचना मिलते ही न्यायालय परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। एंटी-सैबोटाज टीम, डॉग स्क्वॉड तथा बम निरोधक दस्ते द्वारा परिसर की गहन जांच की गई। सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर आगंतुकों की सघन जांच सुनिश्चित की गई है।
आईजी कुमाऊं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी (Police Manjunath TC) को निर्देश दिए हैं कि उच्च न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था की समग्र समीक्षा कर तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। स्थानीय पुलिस के अतिरिक्त प्रांतीय सशस्त्र आरक्षी दल (पीएसी) की एक कंपनी तथा आतंकवाद निरोधक दस्ते की टीम को भी तैनात किया गया है।
राज्य विशेष कार्य बल और केंद्रीय एजेंसियों (State Special Task Force and central agencies) के साथ समन्वय स्थापित कर मामले की जांच जारी है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
अधिकृत का ही प्रवेश मान्य
अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय में प्रवेश केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही दिया जा रहा है। बार एसोसिएशन के सत्यापन पत्र के आधार पर बाहरी व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति प्रदान की जा रही है।
लगातार की जा रही निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत बहुस्तरीय घेरा लागू किया गया है। सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है तथा साइबर प्रकोष्ठ ईमेल के स्रोत की तकनीकी जांच में जुटा है। आगंतुकों का पृथक रजिस्टर अनिवार्य रूप से संधारित किया जा रहा है, जिसमें पहचान संबंधी विवरण दर्ज किए जा रहे हैं।


