नैनीताल : (Nainital) हाई कोर्ट ने देहरादून के बल्लीवाला, बल्लूपुर व आईएसबीटी फ्लाईओवर पर हादसों का ब्यौरा देने के निर्देश सरकार को दिए हैं। कोर्ट ने उन अधिकारियों के नाम मांगे हैं जिनकी ओर से फोर लेन को टू लेन बनाने का निर्णय लिया गया था।
मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार महानगर बस सोसाइटी देहरादून ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। कोर्ट के संज्ञान में आया कि 2015 में कोर्ट ने राज्य आंदोलनकारी रवींद्र जुगरान की जनहित याचिका में इस मामले में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए थे। जिसके अनुपालन को लेकर सरकार से रिपोर्ट मांगी गई। याचिका में कहा कि बल्लीवाला फ्लाई ओवर के लिए पहले चार लेन की योजना स्वीकृत थी जिसे घटाकर दो लेन कर दिया गया। योजना में कमी के कारण विभिन्न समय अंतराल पर कई दुर्घटनाएं हुई हैं परिणामस्वरूप जानमाल की हानि हुई है। जिसकी किसी भी तरह से भरपाई नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने उन अधिकारियों के नाम पूछे हैं जिन्होंने चार लेन से घटाकर दो लेन करने का निर्णय लिया है। इस मामले में पुलिस को उचित कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए या उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करनी चाहिए। सरकार की ओर से बल्लीवाला, बल्लूपुर व आइएसबीटी फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सौ करोड़ से अधिक की धनराशि स्वीकृत की थी। इस मामले में सचिव लोनिवि, डीजीजी, आइजी यातायात, लोनिवि विभागाध्यक्ष व एससपी देहरादून से ब्यौरा तलब किया गया है।