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Nagpur : पूरे देश में वायरल हो रही है वानर सेना की पंगत

कतार में बैठकर अनुशासन के साथ भोजन ग्रहण करते दिखाई दी वानरसेना

नागपुर : डार्विन का सिद्धांत कहता है कि मनुष्य की उत्पत्ति बंदरों से हुई है। इसीलिए ही मनुष्य और बंदरों के रिश्ते का भारत में एक अलग ही महत्व है। वानरश्रेष्ठ हनुमान को रूद्र का ग्यारवां अवतार माना गया है। उन्हीं के जन्मोत्सव पर महाराष्ट्र के अकोला में बंदर एक कतार में अनुशासन से प्रसाद ग्रहण करते दिखाई दिए। इस घटना का वीडियो पूरे देश में वायरल हो रहा है। इसमें वानर सेना का अनुशासन देख कर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है।

वानरो में भी कुदरती प्रवत्ति होती है कि वह राह चलते लोगों से छीना-झपटी करते हैं, इसीलिए बंदरबांट जैसे मुहावरे बने। इस प्रवत्ति के विपरीत महाराष्ट्र के अकोला जिले में हनुमान जन्मोत्सव के दिन जंगली बंदर थाली में रखा भोजन एक कतार में बैठ कर ग्रहण करते दिखाई दिए। अकोला जिले की बार्शिटाकली तहसील के तहत कोथली खुर्द गांव में मुंगसाजी महाराज संस्था ने काटेपूर्णा बांध के पिछले हिस्से में स्थित इस गांव में हनुमान जन्मोत्सव पर महाप्रसाद का आयोजन किया था। यहां भक्तों को स्टील की प्लेट में महाप्रसाद खिलाया जा रहा था। ऐसे में अचानक वहां बंदरों की टोली आ पहुंची।

संस्थान के महंत रामदास महारज ने हनुमान जन्मोत्सव पर पहुंचे वानरों को देखकर खुशी जताई तथा उनको लिए पंगत परोसने का निर्देश दिया। इसके बाद वानरसेना भी कतार में रखी थाली में परोसा गया भोजन अनुशासन के साथ ग्रहण करते दिखाई दी। वानरों के साथ रामदास महाराज भी पंगत में महाप्रसाद लेने बैठ गए। उन्होंने भी वानरों को स्वयं महाप्रसाद परोसा। वानरों की इस अनूठी पंगत का पूरा दृश्य सोशल मीडिया के माध्यम से केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने में पहुंच गया है। इस अनूठी पंगत की सभी और चर्चा हो रही है।

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