spot_img

Nagpur: भारत में शोधकर्ताओं की संख्या कम, राज्यों को शोध एवं विकास क्षेत्र में बढ़ाने होंगे प्रयास : सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार

नागपुर:(Nagpur) प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद (Ajay Kumar Sood) ने कहा कि भारत में प्रति 10 लाख लोगों पर केवल 255 शोधकर्ता हैं और राज्य सरकारों को इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए अनुसंधान और विकास के लिए निधि सुनिश्चित करनी होगी।

सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिक समुदाय से अनुसंधान को आर्थिक विकास से जोड़ने का आग्रह किया है, हालांकि राष्ट्रीय अनुसंधान और विकास व्यय में राज्य सरकारों की हिस्सेदारी सिर्फ 6.4 प्रतिशत थी।

यहां भारतीय विज्ञान कांग्रेस से इतर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 45.4 प्रतिशत थी, जबकि भारत द्वारा अनुसंधान और विकास पर खर्च किए गए 45,000 करोड़ रुपये में उद्योग का योगदान 36.8 प्रतिशत था। सूद ने कहा कि भारत 138 देशों के वैश्विक ज्ञान सूचकांक (जीकेआई) 2020 में 75वें स्थान पर है और उसका जीकेआई स्कोर 44.4 है, जो वैश्विक औसत 46.7 से कम था।

उन्होंने कहा कि भारत में प्रति 10 लाख लोगों पर 255 शोधकर्ता हैं, जो अमेरिका की तुलना में बहुत कम है, जहां प्रति 10 लाख लोगों पर 4,245 शोधकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के लिए यह अनुपात 7,498 प्रति 10 लाख, ब्रिटेन के लिए 4,341 प्रति 10 लाख और जापान के लिए 5,304 प्रति 10 लाख था।

सूद ने कहा कि 77,000 से अधिक स्टार्ट-अप के साथ भारत स्टार्ट-अप के लिए तीसरा सबसे बड़ा पारिस्थितिकी तंत्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा, हालांकि केवल 3,000 ‘डीप टेक’ स्टार्टअप हैं, जिनमें से केवल 400 ही नवोन्मेष प्रौद्योगिकी से संबंधित हैं।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव एस चंद्रशेखर ने राज्य के विश्वविद्यालयों से छात्रों को राष्ट्रीय विज्ञान कार्यक्रम में योगदान देने के लिए तैयार होने को प्रोत्साहित करने के लिए सुधार शुरू करने का आग्रह किया।

Mumbai : वाशी में सहा. अधीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार

मुंबई : (Mumbai) ठाणे जिले में नवी मुंबई के वाशी में उच्च व राज्य माध्यमिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में कार्यरत सहायक अधीक्षक 57वर्षीय...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Explore our articles