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Mumbai : महाकुंभ में पश्चिम रेलवे ने निभाई अहम भूमिका1.70 लाख तीर्थयात्रियों को पहुंचाया प्रयागराज

मुंबई : (Mumbai)महाकुंभ 2025 के दौरान भारतीय रेलवे ने तीर्थयात्रियों को प्रयागराज तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाई। पश्चिम रेलवे द्वारा चलाई गई कुंभ स्पेशल ट्रेनों से लगभग 1.70 लाख श्रद्धालुओं ने यात्रा की।

125 फेरे, प्रमुख स्टेशनों से विशेष ट्रेनें संचालित
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी विनीत अभिषेक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पश्चिम रेलवे द्वारा चलाई गई स्‍पेशल ट्रेनों ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पश्चिम रेलवे द्वारा महाकुंभ में भाग लेने के लिए जाने वाले तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पश्चिम रेलवे के विभिन्न स्टेशनों यथा- मुंबई सेंट्रल, वापी, वलसाड, उधना, वडोदरा, विश्वामित्री, अहमदाबाद, साबरमती, भावनगर, राजकोट, इंदौर आदि से स्‍पेशल ट्रेनों के 125 फेरे चलाये गये। कुंभ स्पेशल ट्रेनों के 26 फेरे मुंबई सेंट्रल मंडल से, 24 फेरे अहमदाबाद मंडल से, 8 फेरे भावनगर मंडल से, 4 फेरे राजकोट मंडल से, 2 फेरे वडोदरा मंडल से और 6 फेरे रतलाम मंडल से चलाये गये। ये स्पेशल ट्रेनें प्रयागराज के साथ-साथ अन्य नजदीकी रेलवे स्टेशनों तक चलाई गईं और अनुमान है कि इन कुंभ स्पेशल ट्रेनों से करीब 1.70 लाख तीर्थयात्रियों ने यात्रा की।

रेलवे की व्यापक तैयारी और मॉनिटरिंग
महाकुंभ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए रेलवे ने यात्रा से पहले ही कार्ययोजना तैयार की थी। भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉर रूम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी गई और सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर CCTV कैमरों की फुटेज के आधार पर स्थिति को संभाला गया।

सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की प्राथमिकता
रेलवे प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि महाकुंभ में जाने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और सुगम यात्रा मिले। श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था भी की गई। महाकुंभ 2025 में पश्चिम रेलवे का योगदान तीर्थयात्रियों के लिए एक यादगार आध्यात्मिक अनुभव बना और भारतीय रेलवे ने धार्मिक यात्राओं में अपनी सेवा क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।

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