वधावन पोर्ट परियोजना होगी पहली बड़ी चुनौती
मुंबई : (Mumbai) केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी गौरव दयाल (central government has appointed Gaurav Dayal) को देश के सबसे बड़े बंदरगाह जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश के गृह विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। गौरव दयाल का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा।
जेएनपीटी के समक्ष इस समय महाराष्ट्र के पालघर जिले (Palghar district, Maharashtra) में 76 हजार करोड़ रुपये की लागत से वधावन पोर्ट निर्माण की महत्वाकांक्षी परियोजना चल रही है, जिसे समय पर पूरा कराना दयाल के लिए बड़ी जिम्मेदारी मानी जा रही है। यह पोर्ट तैयार होने के बाद दुनिया का 10वां सबसे बड़ा बंदरगाह होगा।
राम मंदिर उद्घाटन में दिखाया प्रबंधन कौशल
2004 बैच के IAS गौरव दयाल ने अयोध्या में राम मंदिर (Ram Temple inauguration ceremony in Ayodhya) उद्घाटन समारोह (22 जनवरी 2024) के दौरान उत्कृष्ट प्रशासनिक कौशल का प्रदर्शन किया था। पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालते हुए उन्होंने क्राउड मैनेजमेंट का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसकी देशभर में सराहना हुई।
अयोध्या के कायाकल्प में निभाई अहम भूमिका
योगी सरकार (Yogi government) ने उन्हें मंदिर उद्घाटन से पहले अयोध्या मंडल का कमिश्नर बनाया था। उनके नेतृत्व में अयोध्या में बुनियादी ढांचे के विकास और सौंदर्यीकरण के कई प्रोजेक्ट तेजी से पूरे हुए। रामनवमी और महाकुंभ जैसे आयोजनों में भी उन्होंने बिना किसी अप्रिय घटना के सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की।
नवाचार और पारदर्शिता के लिए प्रसिद्ध
दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक गौरव दयाल को उनके नवाचारी कार्यों और पारदर्शिता के लिए जाना जाता है। बरेली और आगरा के जिलाधिकारी रहते उन्होंने (“Say No to Corruption) (SNTC)” अभियान चलाया, जिसमें वे लाभार्थियों से सीधे फोन पर बात कर भ्रष्टाचार की शिकायतें लेते और त्वरित कार्रवाई करते थे। उन्होंने ऑनलाइन फोटो अटेंडेंस सिस्टम लागू कर सरकारी कर्मचारियों में अनुशासन की नई संस्कृति स्थापित की।
राष्ट्रीय जिम्मेदारी की नई पारी
चित्रकूट, अलीगढ़ और अयोध्या जैसे संवेदनशील मंडलों के कमिश्नर के रूप में अपनी दक्षता साबित करने के बाद अब गौरव दयाल को केंद्र ने रणनीतिक महत्व के राष्ट्रीय पद की जिम्मेदारी सौंपी है। वधावन पोर्ट परियोजना (Vadhavan Port project) को समय पर और प्रभावी रूप से पूरा कराना उनके करियर की सबसे बड़ी परीक्षा और उपलब्धि दोनों मानी जा रही है।


