
धीरज सिंह
मुंबई : (Mumbai) बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation) के इतिहास में पहली बार किसी महिला अधिकारी को ‘कमिश्नर’ की कमान सौंपी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने अश्विनी भिड़े (Ashwini Bhide) के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है। मौजूदा कमिश्नर भूषण गगरानी (Bhushan Gagrani) की 31 मार्च (कल) को होने वाली सेवानिवृत्ति के बाद, अश्विनी भिड़े मुंबई की नई नगर पालिका आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाल सकती हैं।
138 साल के इतिहास में पहली बार
अगर अश्विनी भिड़े पदभार ग्रहण करती हैं, तो वे बीएमसी के इतिहास में पहली महिला आयुक्त (first female Commissioner in the history of the BMC) बनकर रिकॉर्ड कायम करेंगी। अब तक इस पद पर केवल पुरुष अधिकारियों का ही दबदबा रहा है। 1995 बैच की आईएएस अधिकारी अश्विनी भिड़े को मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर की गहरी समझ है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की एमडी रहते हुए उन्होंने ‘मेट्रो-3’ जैसे जटिल प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतारा। वर्तमान में वे मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर तैनात हैं और सीएम फडणवीस की भरोसेमंद मानी जाती हैं। अश्विनी भिड़े के पास अभी लंबा सर्विस पीरियड बचा है। यदि उनकी नियुक्ति होती है, तो उन्हें 2030 तक का कार्यकाल मिल सकता है। इससे मुंबई के विकास कार्यों और आगामी महानगरपालिका चुनावों के दौरान प्रशासन में स्थिरता बनी रहेगी।
इन नामों की भी चर्चा
मुंबई के प्रशासनिक गलियारों में आगामी नियुक्तियों को लेकर तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के नामों की भी चर्चा हो रही है, जिनमें ‘इंफ्रास्ट्रक्चर मैन’ के रूप में विख्यात 1996 बैच के संजय मुखर्जी सबसे (Sanjay Mukherjee—a 1996-batch officer renowned as the ‘Infrastructure Man’) आगे नजर आ रहे हैं। वर्तमान में MMRDA आयुक्त के रूप में अटल सेतु और मेट्रो जैसी मेगा परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहे मुखर्जी के पास BMC में जल आपूर्ति विभाग संभालने का भी अनुभव है। वहीं, 1994 बैच के असीम गुप्ता, जो वर्तमान में उपमुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ-साथ शहरी विकास और आवास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, अपनी प्रशासनिक पकड़ के कारण मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इनके साथ ही, लोक निर्माण और वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मिलिंद म्हैसकर (Milind Mhaiskar) भी अपने व्यापक अनुभव के आधार पर इस दौड़ में शामिल हैं, भले ही उन्होंने पूर्व में BMC में सीधे तौर पर कार्य न किया हो।


